आचार संहिता लगते ही सक्रिय हुआ प्रशासन

बिजनौर में आदर्श आचार संहिता लागू होते ही प्रशासनिक मशीनरियां हरकत में आ गईं। पूरे जिले में पुलिस-प्रशासन ने राजनीतिक दलों के लगे होर्डिंग और बैनर उतरवाए। जिलाधिकारी ने बुधवार को अफसरों के साथ बैठक में चुनाव के मद्देनजर विभिन्न मसलों पर विचार-विमर्श किया। जिलाधिकारी ने मतदान स्थल पर शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था अबी तक नहीं होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी की क्लास ली।
बुधवार को जिलाधिकारी जगतराज विकास भवन के सभागार में आयोजित बैठक में विकास कार्योंaddressing-the-meeting-jagtraj-dm_1483555998 की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता लागू कर दी है। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी कोई नया विकास कार्य नहीं कराएं। उन्होंने कहा कि पहले जिन कार्यों की अनुमति प्राप्त की जा चुकी है, उन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने समीक्षा करते हुए पाया कि राष्ट्रीय खाद्य योजना में नगरीय क्षेत्र में कार्य पूरा कर लिया गया है। समीक्षा के दौरान पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धा, विधवा तथा विकलांग पेंशन के लाभार्थियों को आधार कार्ड से लिंक प्राथमिकता के आधार पर करें।
स्वास्थ्य विभाग के तहत विभागीय निर्माण के अपूर्ण कार्य के अलावा जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों को भुगतान, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना, नियमित टीकाकरण योजना, परिवार नियोजन योजना आदि की प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस वजह से बिजनौर जिला डी श्रेणी में है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि एक महीने पहले आदेश देने के बावजूद मतदान स्थलों पर शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था नहीं कराई गई। उन्होंने इसके लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया।
बेसिक शिक्षा विभाग में विभागीय योजना समाजवादी पौष्टिक आहार योजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों में उपस्थिति के सापेक्ष मध्याह्न भोजन से लाभान्वित छात्रों की प्रगति में अपेक्षित सुधार न होने, उद्यान विभाग की प्रगति, लोनिवि में 50 लाख से अधिक लागत की सड़क निर्माण में पूर्ण परियोजनाओं, जल निगम विभाग की रिबोर हैंडपंपों की प्रगति, राजस्व विभाग में आम आदमी बीमा योजना में प्रगति कम पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कर-करेत्तर की भी समीक्षा की । समीक्षा के दौरान मनोरंजन कर विभाग द्वारा 98 प्रतिशत, परिवहन 95, आबकारी 90, वाणिज्य कर विभाग द्वारा 80 प्रतिशत की प्रगति पाई गई। विद्युत विभाग द्वारा 50 प्रतिशत से कम प्रगति पाई गई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी अमित कुमार आदि रहे।
वहीं चुनाव आचार संहिता लागू होते ही राजनीतिक दलों व नेताओं के होर्डिंग्स पर चाबुक चल गया। नगर पालिका व पुलिस की टीम ने मिलकर होर्डिंग्स उतरवाए।
बुधवार को चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तिथि घोषित करते हुए होर्डिंग्स के खिलाफ जिला प्रशासन हरकत में आ गया। कुछ ही देर में चुनावी होर्डिंग्स हटाने का अभियान चला दिया गया। शहर में नगर पालिका कर्मचारी जेसीबी लेकर शहर की सड़कों पर उतर गए और होर्डिंग्स उतारकर या फाड़कर अपने साथ ले गए। कुछ नेताओं के समर्थकों ने भी अपने आप ही होर्डिंग्स उतारे। मंडावर में थाना प्रभारी निरीक्षक विमलेश कुमार ने होर्डिंग्स उतरवाए। उन्होंने नगर व आसपास के गांवों में एनाउंस करके होर्डिंग्स उतरवाने को कहा। साथ ही दुकानों व मकानों पर लिखे नारे भी मिटाने को कहा। उधर, स्योहारा में बैनर हटवाए गए। 
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