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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता पहुंची सुप्रीम कोर्ट, निजी सुरक्षा अधिकारियों पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता की अपने निजी सुरक्षा अधिकारी द्वारा प्रताड़ित करने के आरोपों पर सुनवाई करते हुए रिपोर्ट तलब की है। डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज धर्मेश शर्मा ने सीबीआई के जांच अधिकारी से कम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

रेप पीड़िता ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसे सुरक्षा मिली हुई है। याचिका में कहा गया है कि सुरक्षा अधिकारी उसके आवागमन को रोकते हैं। ऐसा करना उसकी स्वतंत्रता को बाधित करने की कोशिश है। इसकी वजह से वह अपना केस ठीक से नहीं लड़ पा रही है।

20 दिसंबर, 2019 को पीड़िता से रेप के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उम्रकैद के अलावा 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की इस रकम में से 10 लाख रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया था। तीस हजारी कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भी कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, अजेय ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार ओलंपिक के सेमीफाइनल में किया प्रवेश

टोक्यो। भारतीय महिला हॉकी टीम ने अब तक टूर्नामेंट में अजेय रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को 1-0 से हराकर टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।यह पहली बार है जब भारतीय टीम ने ओलंपिक के सेमीफाइनल में जगह बनाई है।

क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का प्रदर्शन देखने लायक था। खासकर गोलकीपर सविता पूनिया का। ऑस्ट्रेलिया को सात पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन वह एक को भी गोल पोस्ट में नहीं पहुंचा पाई।

ड्रैग-फ्लिकर गुरजीत कौर ने मैच के 22वें मिनट में गोल कर भारत को बढ़त दिलाई और अंत मे यही स्कोर निर्णायक साबित हुआ।

भारतीय टीम ने टोक्यो में अच्छी शुरुआत नहीं की थी। टीम को पहले तीन मुकाबलाें में बड़ी हार मिली थी। टीम को नीदरलैंड्स ने 5-1 से, जर्मनी ने 2-0 से और ब्रिटेन ने 4-1 से मात दी थी। ऐसे में लग रहा था कि टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। लेकिन टीम ने जोरदार वापसी की और अब सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है।भारतीय टीम का सेमीफाइनल मुकाबला बुधवार को अर्जेंटीना के खिलाफ होगा।

बता दें कि भारतीय महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1980 के मॉस्को ओलंपिक में था जहां वह छह टीमों में चौथे स्थान पर रही थी।
1980 के मॉस्को ओलंपिक में ही पहली बार महिला हॉकी को ओलंपिक में शामिल किया गया था। यहां राउंड-रॉबिन में छह टीमों ने भाग लिया था।