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डिफेंस एक्सपो : रूसी कंपनी ‘रोसटेक’ भारत में बनाएगी सैन्य हेलीकॉप्टर

डिफेंस एक्सपो में दूसरे दिन कामोव-226टी प्रोजेक्ट के लिए भारत-रूस ने किया करार

लखनऊ। ​राजधानी में आयोजित डिफेंस एक्सपो के दूसरे दिन रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और रक्षा उपकरणों के देश में उत्पादन को लेकर प्रभावी पहल की गई। इसके तहत रूसी हेलिकॉप्टर्स होल्डिंग कंपनी रोसटेक के साथ भारत में सैन्य हेलीकॉप्टर बनाने पर अहम बैठक हुई। इसमें रूसी-भारतीय कंपनी इंडो-रूसी हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड (आईआरएचएल) के जरिए कामोव-226टी हेलीकॉप्टर उत्पादन को लेकर रोडमैप पर हस्ताक्षर हुए। इस तरह परियोजना से जुड़ी बुनियादी तैयारियां कर ली गयी है।

भारत में होना है 140 हेलीकाप्टरों का उत्पादन

सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, समझौते के तहत रूस में 60 कामोव-226टी हेलीकाप्टरों की एसम्बेल्ड कर भारतीय सेनाओं को सप्लाई की जाएगी जबकि बाकी 140 का उत्पादन भारत में होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसम्बर 2015 में मास्को यात्रा के दौरान इस सौदे को लेकर दोनों देशों के बीच करार पर हस्ताक्षर किए गए थे। ये डील एक अरब डॉलर की है।

चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों की जगह लेंगे कामोव-226टी

ये हेलीकॉप्टर भारत में चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों की जगह लेंगे जो पुराने हो गए हैं। रोस्टेक स्टेट कारपोरेशन 700 रूसी कंपनियों का एक संगठन है। जिसकी स्थापना 2007 में सैन्य एवं असैन्य उददेश्यों के लिए उच्च प्रौद्योगिकी वाले औद्योगिक उत्पादों के विकास, उत्पादन एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। रोसटेक ने भारत में सैन्य हेलीकॉप्टर बनाने का फैसला किया है। इसके तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ ज्वाइंट वेंचर किया गया है। कामोव-226टी के हिस्सों का स्थानीय उत्पादन का कार्यक्रम भारत सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा देगा। इसके हिस्से भारत में बनने से नेवल यूटिलिटी हेलीकाप्टरों की सप्लाई औऱ मेनटेनेंस भी आसान हो जाएगी।

इन अहम बिन्दुओं पर बनी सहमति

भारत में कामोव-226टी हेलीकॉप्टर और इसकी इकाइयों के उत्पादन के लिए मुख्य चरणों और शर्तों को निर्धारित तारीख के संबंध में परिभाषित किया गया है। विशेष रूप से, रोडमैप भारत में उत्पादन स्थापित करने, आपूर्तिकर्ताओं के साथ अनुबंध करने, डिजाइन डॉक्यूमेंटेशन स्थानांतरित करने, तकनीकी उपकरण और मशीन किट की आपूर्ति करने, भारतीय कर्मियों और परियोजना के अन्य प्रमुख चरणों को भारत में का कामोव-226टी हेलीकाप्टर के उत्पादन को स्थानीय बनाने के लिए समयबद्धता को स्पष्ट किया गया है।

रूसी हेलीकाप्टर होल्ड़िंग कम्पनी के महानिदेशक आंद्रेई बोगिंस्की ने कहा कि अनुबंध पर हस्ताक्षर कामोव-226टी स्थानीयकरण परियोजना के विकास के लिए आधार साबित होगा। इंडो-रूसी हेलीकॉप्टर लिमिटेड (आईआरएचएल) रूसी हेलीकॉप्टर, रोसोबोरोनेक्सपोर्ट और भारत की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का एक संयुक्त उद्यम है। कंपनी को कामोव-226टी हेलीकाप्टरों के उत्पादन को स्थानीय बनाने के लिए एक परियोजना के हिस्से के रूप में मई 2017 में भारत में पंजीकृत किया गया था।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है कामोव-226टी

कामोव-226टी की विशेषताओं की बात करें तो यह एक लाइट वेट मल्टीेपरपज हेलीकॉप्टर है और इसमें आधुनिक नेविगेशन उपकरण लगे हुए हैं। कामोव-226टी हेलीकाप्टरों का न्यूनतम टेकआफ वजन 3.6टन है औऱ यह एक टन वजन के भार अपने साथ ले जा सकता है। इसका इस्तेमाल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से किया जा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक कामोव हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा और आकार छोटा होने से इसे छोटे हवाई अड्डों पर भी लैंड या टेक ऑफ की अनुमति मिल जाती है।

अपनी श्रेणी का है सर्वश्रेष्ठ हेलीकॉप्टर

हेलीकॉप्टर पर एक परिवहन केबिन स्थापित किया गया है, जिसे छह लोगों या विशेष उपकरणों के साथ मॉड्यूल तक परिवहन के लिए डिज़ाइन किया गया है। कामोव हेलीकॉप्टर से बहुत ही कम ध्वनि प्रदूषण होता हैै। इसमें अत्याधुनिक एवियानिक्स सूट लगे हैं। यह नवीनतम आधुनिक पर्यावरण आवश्यकताओं को पूरा करता है। हेलीकॉप्टर में रीप्लेनकेबल ट्रांसपोर्ट मॉड्यूल लगा हुआ है, जिससे कम समय में यह अपनी कार्यक्षमता बदलने में सक्षम है। इस तरह इसे अपने श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

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