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नीरज पांडे की ‘कच्चे लिम्बू ‘ ने बनायी 47 वें टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (टीआईएफएफ) में खास जगह, होगा वर्ल्ड प्रीमियर

नए जेनरेशन की एक बेहतरीन भाई-बहन की कहानी ‘कच्चे लिम्बू’, जिनमें दो बेहद उम्दा कलाकार रजत बारमेचा और राधिका मदान हैं, उनकी इस फिल्म को प्रतिष्ठित 47 वें टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (टीआईएफएफ) का हिस्सा बनने का मौका मिला है। इस फिल्मोत्सव का आयोजन इस साल सितंबर में होने जा रहा है।

 

इस फिल्म का लेखन जहाँ नीरज पांडे ने किया है, वहीं फिल्म का निर्देशन शुभम योगी ने किया है। कच्चे लिम्बू दरअसल, एक ऐसी कहानी है, जो भाई-बहन के प्रेम के एहसास को सेलिब्रेट करती है।

 

 

दिलचस्प बात यह भी है कि नीरज ने बतौर एडिशनल डायलॉग राइटर के रूप में ‘थर्स्ट विद डेस्टिनी’ से जुड़े रहे हैं और उस फिल्म को भी ट्रिबेका फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा बनने का मौका मिला था और उस फिल्म ने वहां बेस्ट स्क्रीनप्ले के लिए पुरस्कार भी जीता था। इसके बाद, यह नीरज की अगली फिल्म है, जो टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (टीआईएफएफ) का हिस्सा बन रही है।

 

इस बारे में नीरज ने बताया, ‘’मैं शुभम( निर्देशक कच्चे लिम्बू) से किसी और प्रोजेक्ट के लिए मिला था, लेकिन हम दोनों की क्रिएटिव रूप से अच्छी बॉन्डिंग हो गई और हम दोनों की एक दूसरे के साथ अंडरस्टैंडिंग भी बन गयी। और उस वक़्त मुझे ऐसा लगा कि मैं उनकी फिल्म कच्चे लिम्बू में कुछ और खास जोड़ सकता हूँ और इसलिए मैंने कच्चे लिम्बू के साथ जुड़ना सही समझा’’।

 

नीरज ने आगे कहा “ इस फिल्म के लिए उसकी एक खास जरूरत थी, जहाँ उन्हें लगा कि मैं अपनी लेखनी से उसे कुछ नयापन दे सकता हूँ। मैंने उनसे कहा कि चलो, हम कोशिश करके देखते हैं कि हम क्या बेस्ट कर सकते हैं। शुक्र है, उन्हें मेरा काम पसंद आया, बाद में इसे हमने इम्प्रोवाइज्ड भी किया। पहले यह छोटा सा हिस्सा था, लेकिन जब हमने एक साथ जुड़ना शुरू किया तो, यह फिल्म का एक अहम हिस्सा बन गया। मेरा मानना है कि जब लोग इस फिल्म को देखेंगे, तो इस बात को समझ पाएंगे। ‘’

 

इस बारे में निर्देशक शुभम योगी कहते हैं “ नीरज ने इस फिल्म को अपना अनोखा टच दिया है, जिसकी वजह से यह फिल्म और बेहतरीन बन गई है। उनके लेखन में ह्यूमर भी है, एक ईमानदारी तो झलकती ही है, साथ ही एक दिल है, जो लोगों को आकर्षित करेगी। इस फिल्म में वे सारी बातें हैं, जो मैं अपनी फिल्म में कहना चाहता था।

नीरज पांडे में बतौर स्क्रीन राइटर और गीतकार के रूप में रामप्रसाद की तेरहवीं, कामयाब, मूथोन जैसी फिल्मों में योगदान दिया है, तो क्रिटिकली सराही गई फिल्म ‘थर्स्ट विद डेस्टिनी’ जैसी एंथोलॉजी में भी डायलॉग राइटर के रूप में योगदान दिया है। इसके अलावा, वह वेब सीरीज “ योर ऑनर सीजन 2 में बतौर को-राइटर जुड़े हैं। नीरज ने “आनी- मानी” जैसी फिल्में भी प्रोड्यूस की हैं, जिसे कई अवार्ड्स भी मिले हैं और यह कई फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा बनी हैं और फिलहाल यह फिल्म MUBI पर स्ट्रीम हो रही है।

 

इसके अलावा, नीरज ने भावी और इच्छुक स्क्रीन राइटर्स को मेंटॉर करने का भी काम शुरू किया है। नीरज सक्रिय रूप से कई वर्कशॉप कराते हैं और अपने अनुभव साझा करते हैं, जिससे आने वाले कहानीकारों को स्क्रीन राइटिंग लेखन में मदद मिलती है।