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कुलपति ने विवि के तीन पदाधिकारियों को दिया पदोन्नति का तोहफा

सिरसा। चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक द्वारा विवि के तीन पदाधिकारियों को मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पदोन्नति का तोहफा दिया गया है। कुलपति ने कार्यकारी अभियंता सतीश विज को एस ई, राकेश गोदारा को एस डी ई (सिविल) से कार्यकारी अभियंता व सुरेंद्र नुईया को एस डी ई (इलेक्ट्रिक) से कार्यकारी अभियंता के पद पर पदोन्नत किया है। पदाधिकारियों को पदोन्नत करने पर एम्पलाइज वेल्फेयर एसोसिएशन ने चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक व कुलसचिव प्रो. मोनिका वर्मा का धन्यवाद किया। इस अवसर पर पदोन्नति पाने वाले तीनों अधिकारियों ने कुलपति, कुलसचिव व यूनियन पदाधिकारी प्रधान रविंद्र सैनी, उपप्रधान संजय श्योराण, महासचिव डा. सुरेंद्र हांडा, सचिव राजेश टुटेजा, खजांची प्रवीन कुमार सहित सभी कर्मचारियों व अधिकारियों का धन्यवाद किया। पदोन्नति पाने वाले तीनों पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसपर वे खरा उतरने का प्रयास करेंगे और विवि को बुलंदियों पर ले जाने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।

लोकतांत्रिक व्यवस्था का चीरहरण है अवसरवादी राजनीतिक उछलकूद: यतिन्द्र सिंह एडवोकेट

सिरसा। उत्तरप्रदेश में अवसरवादी राजनीतिक दलबदल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष यतिन्द्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद दलबदल करने वाले नेताओं को पूरे पांच साल मंत्रिपद पर रहते हुए दलित व पिछड़ों की अनदेखी का अहसास क्यों नहीं हुआ, उनकी आत्मा आचार संहिता लागू होने के बाद ही क्यों जागी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस दलबदल के पीछे की सच्चाई ये है कि दलबदल करने वाले ये नेता अपने परिजनों हेतु चुनाव टिकट की मांग करते रहे हैं और इन्हें उत्तरप्रदेश में भाजपा की पारदर्शी राजनीति एवं पारदर्शी विकास नहीं भाया। यतिन्द्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि माफिया-बाहुबलियों पर शिकंजा कसा गया है। दंगा करने वालों से दंगे के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की जा रही है। चुनाव के अवसर पर हो रही इस दलबदल को दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जायेगा व अब समय आ गया है कि अवसरवादी दलबदल के खिलाफ कानून-नियम बनाये जाएं, ताकि आचार संहिता लागू होने या चुनाव से पूर्व निश्चित अवधि के बाद दलबदल करने वालों को चुनाव के अयोग्य घोषित किया जा सके। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा परिवारवाद और जातिवाद आधारित राजनीति नहीं करती। आज देश-प्रदेश का मतदाता जागरूक है और वो अपने जनादेश से इन अवसरवादी नेताओं को आईना अवश्य दिखायेगा।