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सनम बेवफा:शादी की रात ही बेटी को घर से भगाया

देव श्रीवास्तव
लखीमपुर-खीरी। 
‘तूने दिल मेरा तोड़ा, कहीं का न छोड़ा सनम बेवफा ओ सनम बेवफा। 1992 में रिलीज सलमान खान की  फिल्म ‘सनम बेवफा में शादी की पहली रात ही दूल्हन को घर से निकालने का सीन शायद सभी को याद होगा। अब सोचिए कि यदि यह किसी के साथ हकीकत में घटे तो उस पर क्या बीतेगी। ईसानगर थाना क्षेत्र में एक परिवार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। जिस दिन बेटी को नम आंखों से पिता ने विदा किया था उन्हें नहीं पता था कि अगले ही दिन वह फिर उनकी चौखट पर खड़ी होगी। बेटी को सामने देखने से ज्यादा पिता की रूह तब कांपी जब बेटी ने शौहर द्वारा तलाक की धमकी देने की बात पिता को बताई। पिता ने बेटी के साथ एसपी के दरबार में पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है। 
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विदाई के अगले ही दिन बेटी आई घर वापस,मिली तलाक की धमकी

  ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम जेठरा निवासी सलारी ने अपनी बेटी अफसाना का निकाह पड़ोसी जिला बहराइच के थाना नानपारा क्षेत्र अंतर्गत वोटानीहा नरायनपुर कलां निवासी फरधान के साथ तय की थी। 23 अपै्रल को दोनों का निकाह मुकर्रर हुआ। तयशुदा वक्त पर बारात आई। लड़की पक्ष ने मेहमानों की खातिरदारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। यहां तक की मेहर के नाम पर डीलक्स मोटर साइकिल व तीन लाख का अन्य सामान भी दिया था। निकाह बाद बारात विदा हुई। मां-बाप व नाते-रिश्तेदार दुआओं के साथ बेटी को विदा किया। लेकिन जिस बेटी की जिंदगी हंसी-खुशी बीतने की दुआ कर रहे थे नहीं मालूम था कि अगले ही रोज बेटी वापस उनकी चौखट पर खड़ी होगी। घर पहुंचने के बाद फरमान ने अफसाना को तमाम तौहीनें दी और बेइज्जत करके घर से भगा दिया। इतना ही नहीं उसने अफसाना को तलाक भी दे देने की धमकी दी। 
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बारातियों को गोश्त न खिलाने से था नाराज

फरमान ने अफसानों को महज इसलिए घर से निकल जाने का फरमान जारी कर दिया क्योंकि उसके मायके वालों ने बारातियों के लिए गोश्त की व्यवस्था नहीं की थी। अफसाना ने बताया कि फरमान ने कहा कि उसके घर वालों ने बारातियों को गोश्त न खिलाकर उनका व मेरा अपमान किया है। वहीं पिता वाहिद अली ने कहा कि विदाई के बाद फरमान ने दहेज में चार पहिया गाड़ी की भी मांग शुरू कर दी थी। 
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यहां मत लाओ, मैं तुम्हारी बेटी को तलाक दे दूंगा

वाहिद अली बेटी के घर आने और उसकी बात सुनने के बाद काफी क्षुब्ध हुए। उन्होंने समझाने की नीयत से अपने दामाद फरमान को फोन लगाया। फोन लगाने के बाद जब उन्होंने बेटी को विदा कराने की बात कही तो उसने साफ इंकार कर दिया। उसने कहा कि उन्हें लड़की को यहां लाने की कोई जरूरत नहीं। मेरा फैसला करा। 
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