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कोरोनकाल में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में जबरदस्त ग्रोथ, गैंबलिंग का बढ़ा क्रेज

कोरोनकाल में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में जबरदस्त ग्रोथ, गैंबलिंग का बढ़ा क्रेज
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कोरोना महामारी के दौर में व्यावसायिक क्षेत्रों की हालत खराब हुई लेकिन ऑनलाइन गेमिंग एक ऐसा सेक्टर है जिसने इस दौर में तेज ग्रोथ हासिल की है। दरअसल कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन में लोगों घर में सबसे ज्यादा ऑनलाइन गेम्स (online games) खेलकर अपना समय बिताया है। ऑनलाइन गेम्स से खासकर स्मार्टफोन के जरिए लगभग हर कोई जुड़ा हुआ है।

कोविड़-19 की वजह से करीब एक साल से परीक्षाएं, सम्मेलन समेत कई जरूरी गतिविधियां ऑनलाइन सिमट गई हैं। महामारी ने लोगों के पारंपरिक रूप से मिलने-जुलने पार्टी करने के अवसर को छीन लिया है। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक दूरी के नियम के पालन पर जोर दिया जा रहा है। इसे देखते हुए ऑनलाइन गेम्स (online games) वाले ऐप और ऑनलाइन गैंबलिंग साइट दिवाली पर घरों और पार्टियों में खेले जाने वाले ताश और तीन पत्ती की परंपरा को शामिल कर इसे भुनाने में जुट गई हैं। इन साइट पर केसीनो गेम भी खेल सकते हैं।

एकजुट होकर दांव लगाना संभव नहीं

कोरोना संक्रमण के खतरे चलते इस बार दिवाली पर ताश की पत्ती के साथ दोस्तों और परिवार के साथ टेबल पर बैठकर सांकेतिक जुआ खेलना और दांव लगाना संभव नहीं होगा। हालांकि ऐसे लोगों को ऑनलाइन गैंबलिंग साइट में खेलने का विकल्प दिया है। जिसमें लोग दिवाली पर पारंपरिक रूप से तीन पत्ती खेल सकते हैं। ये वेबसाइट लोगों को केसीनो, पोकर और अन्य ताश के खेल परिवार और दोस्तों के यहां तक पेशेवर के साथ खेलने का विकल्प दे रहे हैं।

दीपावली पर जुआ खेलने को लेकर दूसरी राय

समाज में जुए को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता है लेकिन दीपावली पर इसके बारे में दूसरी राय है। हिंदी पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन देवी पार्वती ने चौसर के खेल को भगवान शिव से जीता था और कहा था कि जो भी दिवाली की रात जुआ खेलेगा उसे यहां पूरे साल समृद्धि बनी रहेगी।

5000 रूपये तक जीत सकते

अक्सर ऑनलाइन गेम्स में जीतने पर कॉइन्स यानि सिक्के मिलते हैं। लेकिन उन सिक्कों से कुद खरीद नहीं सकते। जबकि असली लोगों के साथ ऑनलाइन पोकर खेलकर लाखों रूपये जीत सकते हैं। इसमें हिस्सा लेने पर आप एक ही दिन में 5000 रूपये तक जीत सकते हैं।

माइंडसेट के हिसाब से गेम्स डिजाइन

पहले जहां गेम्स बहुत ही सीमित और बच्चों के लिए बनाएं जाते थे, आज हर उम्र के लोगों के लिए गेम्स उपलब्ध है। यहीं नहीं, आपका माइंडसेट कैसा है, गेम्स डिजाइन उस हिसाब से भी किए जा रहे हैं। इसी के चलते ऑनलाइन गेम्स वाले ऐप और वेबसाइट की चांदी है।

भारत में 1 अरब डॉलर का होगा कारोबार

ऑनलाइन गेमिग इन इंडिया शीषर्क रिपोर्ट की माने तो 2021 तक 20 फीसदी की तेजी से बढ़ने वाले इस सेक्टर में केवल भारत का कोरोबार 1 अरब डॉलर के करीब होगा। इस रिपोर्ट के मुतिबक ऑनलाइन गेम सर्च करने वालों की संख्या में 117 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। सरकार की ओर से लगातार चाइनीज एप को बैन किया जा रहा है। जिसके चलते भारतीय गेमिंग एप डेवलप करने वाले कंपनियों के पास नए विकल्प खुले हैं। विंजो गेम्स की को-फाउंड सौम्या सिंह राठौक के मुताबिक लॉकडाउन के पहले फेज मे ही उनकी कंपनी ने 35 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की थी।

यूजर्स की संख्या में तेज बढ़ोत्तरी

ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर की रेवेन्यु बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है इसके यूजर्स का तेजी से बढ़ना। स्टेटिस्टा की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017 के बाद से इस ऑनलाइन गेमिंग के यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। साल 2017 में यूजर्स की संख्या 731 मिलियन के करीब थी जो अब बढकर 931.70 मिलियन हो चुकी है। और 2025 तक यह संख्या 1076 मिलियन के पार जाने का अनुमान है।

5-34 साल की उम्र के सबसे ज्यादा यूजर्स

लोगों को लगता है कि ऑनलाइन गेम खेलने वाले लोग केवल टीनएजर्स होते है जबकि ऐसा नहीं है, हर उम्र के लोग ऑनलाइन गेम में दिलचस्पी दिखाते है। ऑनलाइन गेम पर समय बिताने वाले लोगों में सबसे ज्यादा 25 से 34 साल की उम्र के लोग हैं। वहीं 64 साल की उम्र के लोग भी ऑनलाइन गेम खेलते है, हालाकिं इनकी संख्या केवल 3 फीसदी है।

बाजी गेम्स के सीईओ नवीकरण सिंह का कहना है कि कोविड-19 की वहज से लोग घरों में रहने को मजबूर हुए हैं। इससे मनोरंजन के तरीके प्रभावित हुए हैं। लोग विकल्प तलाश रहे हैं। इससे इस क्षेत्र में वृद्धि देखने को मिल रही है और हमारा मानना है कि यह अब और बढ़ेगा। उनका कहना है कि गेम्स खेलने का फायदा ऑनलाइन में ये होता है​ कि आप यहां अकेले भी गेम खेल सकते है, साथ ही दोस्तों और फैमिली मेंबर्स के साथ कनेक्ट होकर भी गेम का मजा ले सकते हैं, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में हों।

पॉकेट-52 के सीईओ नीतेश साल्वी कहा जो भी पोकर खेलना चाहता है वह हमारा लक्षित ग्राहक है।

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