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टोक्यो ओलंपिक : हॉकी में टीम इंडिया का कमाल, विश्व चैम्पियन अर्जेंटीना को हराकर क्वार्टर फाइनल में

नई दिल्ली। भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है। इस बार के टोक्यो ओलंपिक में भारत की पुरुष हॉकी टीम देशवासियों की आशा के अनुरूप अपना विजय अभियान जारी रखे हुए है। यदि अब तक हुए मैचों में से एक मैच को छोड़ दिया जाए तो उसकी यह विजय लगातार हो रही है, जिसमें कि भारत ने मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अर्जेंटीना को पूल ए के मैच में 3-1 से हराकर उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय टीम आज भी स्वर्ण पदक तक पहुंचने की दमखम रखती है।

आज हुए अर्जेंटीना के साथ रोमांचकारी मैच में वो दो गोल थे, जिन्होंने भारत के सिर विजय का ताज पहना दिया। इसमें से एक गोल ऐसे खिलाड़ी ने किया है, जो भारत के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखते हैं और उन्हें खोजकर आगे बढ़ाने का काम हॉकी के जादूगर, महान खिलाड़ी ध्यानचंद के पुत्र अशोक कुमार ने किया है। वे विवेक को मध्य प्रदेश के भोपाल लाये, उन्हें अपने घर रखा, कोचिंग दी और अब परिणाम सामने है। इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले में मध्य प्रदेश के होशंगाबाद के केसला गांव से ताल्लुक रखनेवाले विवेक सागर ने विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ अंतिम समय से कुछ पहले गोल कर जीत के लिए भारत का आधार मजबूत कर दिया था। उसके बाद जैसे ही हरमनप्रीत सिंह का गोल हुआ तो लगा कि अब यह विश्व चैम्पियन भारत से पूरी तरह से पिछड़ चुका है, मैच में वह खूब चाह ले लेकिन वापसी नहीं कर पाएगा और हुआ भी यही। भारत ने यह मैच 3-1 से जीत लिया। इसके साथ ही ओलंपिक हॉकी के क्वॉर्टर फाइनल में भारत का प्रवेश शानदार तरीके से हो गया है।

ऑखों देखा खेल का हाल
भारत की ओर से पहला गोल 43वें मिनट में हुआ था, इसे जब वरुण कुमार ने किया तो भारत एक गोल से मौजूदा विश्व चैम्पियन अर्जेंटीना से एक गोल से आगे हो गया। इसके बाद लगा कि अर्जेंटीना की ओर से हमले तेज कर दिए गए, उनकी कोशिश रही की ज्यादा से ज्यादा बॉल को अपने पास रखें और सीधे डी को टार्गेट करें। फिर ऐसा उन्होंने किया भी कई बार लेकिन भारतीय टीम के गोलकीपर और पीछे की रक्षा पंक्ति भी पूरी तरह से सजग एवं मुस्तैद थे, उन्होंने अर्जेंटीना के हर हमले को नाकामयाब कर दिया। उसके बाद कुछ देर के लिए लगा कि अब क्या होता है, तब क्या होगा। दोनों टीमें आगे निकलने के लिए होड़ लगा रहीं थी। पर तभी 58वें मिनट में भारत ने गोल कर 2-1 की लीड ले ली। भारत के लिए यह गोल विवेक सागर ने किया था जोकि एक मैदानी गोल था।

इस गोल के बाद जैसे भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल आसमान छूने लगा, उनके पैरों में विद्युत सी गति दौड़ने लगी और लग गया कि अब विश्व का मौजूदा चैम्पियन अर्जेंटीना बराबरी ना कर पाए, क्योंकि ज्यादातर गेंद भारतीय खिलाड़ियों की स्टिक के इर्दगिर्द ही घूम रही थी। दूसरे गोल से उत्साहित भारतीय खिलाड़ियों ने अब अपना हमला तेज कर दिया था। जिसमें कि फिर तेजी के साथ परिणाम भी सामने देखने को मिला 59वें मिनट में भारतीय टीम पेनाल्टी कॉर्नर हासिल करने में सफल रही जिसमें कि इस मौके पर गोल करते हुए हरमनप्रीत सिंह ने भारत की यादगार जीत पक्की कर दी। इन दो गोलों ने न केवल भारत की जीत को पक्की कर दी बल्कि उनके गोल अंतर को भी शून्य कर दिया। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया से 7-1 की शर्मनाक हार के बाद गोल का अंतर घटकर -5 रह गया था लेकिन स्पेन के खिलाफ मिली 3-0 की जीत और आज अर्जेंटीना के खिलाफ 3-1 के आए परिणाम से यह गोल का अंतर शून्य संभव हो सका है।

यह है पूल ए में सभी टीमों की स्थिति
भारत के अब चार मैचों में नौ अंक हो गए हैं और ऑस्ट्रेलिया 12 अंकों के साथ सबसे आगे है। जिसने अब तक सभी चार मैच जीते हैं। स्पेन एक जीत और एक ड्रा से चार अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, जिसमें कि वह न्यूजीलैंड के बराबर है। अर्जेंटीना के भी एक जीत और एक ड्रॉ से चार अंक हैं लेकिन वह गोल के अंतर से स्पेन और न्यूजीलैंड से पीछे है। न्यूजीलैंड के खिलाफ केवल एक ड्रॉ के साथ जापान एक अंक के साथ ग्रुप में अंतिम स्थान पर बना हुआ है। अब भारत को अपने अंतिम ग्रुप मैच में मेजबान जापान से भिड़ना है। जबकि आज की आशातीत सफलता के बाद भारत दूसरे स्थान पर आ पहुंचा है। बता दें कि भारत ने ओलंपिक में आखिरी स्वर्ण 1980 में जीता था। भारत ने कुल 8 स्वर्ण पदक ओलंपिक में जीते हैं। उसकी परंपरागत हॉकी का दुनिया में डंका बजता रहा है।