Top
Pradesh Jagran

नालंदा : शौचालय में जिंदगी गुजार रहीं दादी-पोती, बीडीओ ने घूस नहीं देने पर काटा आवास योजना से नाम

नालंदा : शौचालय में जिंदगी गुजार रहीं दादी-पोती, बीडीओ ने घूस नहीं देने पर काटा आवास योजना से नाम
X

-सीएम नीतीश कुमार के गृह जनपद में विकास की खुली पोल

नालंदा (बिहार)। आपने घर में शौचालय तो देखे होंगे पर शौचालय में आशियाने को गौर से देख लीजिये। यह शौचालय ही इस बूढ़ी, गरीब, विधवा महिला और उसकी पोती का घर है। पूरी घरेलू जरूरत की चीजें इसी शौचालय में रखी हुई हैं और इसी में वह चूल्हे पर खाना बनाती है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से यह मामला सामने आया है जो विकास के किसी भी किस्म के भ्रम और दावे को चकनाचूर करने के लिए नाकाफी है। जिले करायपरसुराय प्रखंड में बुजुर्ग महिला कौशल्या देवी और उनकी पोती को एक घर तक मयस्सर नहीं है। आलम यह है कि शरीर को झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए दादी और पोती एक सार्वजनिक शौचालय में दिन गुजार रही हैं। इसको अभी तक कोई भी सरकारी सहायता, मदद नहीं मिली है। ना ही इस तक शासन, प्रशासन ने कोई सुध ली है।

बगल के गांव में रहते हैं MLA पर बुजुर्ग को घर नहीं

नालंदा जिले मकरौता पंचायत के गांव दिरीपर वार्ड नंबर 3 में कौशल्या देवी और उनकी पोती सार्वजनिक शौचालय में जिंदगी गुजार रही हैं। गौर करने वाली बात यह है कि दिरीपर के बगल का गांव मौजूदा विधायक कृष्ण मुरारी शरण का है। कौशल्या देवी का इस दुनिया में कोई देखने वाला नहीं है। और ना ही उसे किसी भी प्रकार का सरकारी की लाभ मिल रहा है।

भीख मांगकर भूख मिटाती हैं दादी-पोती

दादी पोती शौचालय में रहने के लिए मजबूर है। उसका यही ठिकाना है। 10 साल की पोती के सिर से माता पिता का साया पहले ही उठ चुका है। लाचार दोनों दादी पोती अपने गांव में घर-घर खाना मांगकर जीवन यापन कर रही हैं। कौशल्या देवी और उनकी पोती सपना कुमारी ने बताया परिवार के कमाऊ सदस्य के नहीं रहने के कारण मजबूरन भीख मांग कर किसी तरह से तो जिंदगी काट रही है। धूप और पानी से बचने के लिए महिला ने शौचालय में रहकर जीवन यापन कर रही, इसे ही अपना आशियाना बना लिया है।

मुखिया-विधायक किसी को बुजुर्ग का ख्याल नहीं

दुखद बात यह है कि आशियाना तो छोड़िए उसे किसी किस्म की सरकारी योजना का लाभ भी नहीं मिल पाता है, ताकि कमसे कम वह अपना पेट पाल सके। पूछने पर कौशल्या देवी ने बताया उनका पति, बेटा, बहू दुनिया छोड़ चुके हैं। उनको अब कोई देखने वाला नहीं है। किसी मुखिया, सरपंच या विधायक ने आज तक उसे किसी योजना का लाभ तक नहीं दिलाया। इधर-उधर से भीख मांग कर अपना किसी तरह काम चलाती है और इसी शौचालय में रहकर गुजर-बसर करती है।

घूस नहीं देने पर बीडीओ ने काटा आवास योजना से नाम

पूर्व मुखिया रबीश कुमार ने बताया कि 2017 में आवास योजना में कौशल्या देवी का नाम आवास योजना में आया था। तत्कालीन आवास पर्यवेक्षेक ने आवास योजना का लाभ दिलाने के एवज में कौशल्या देवी से नकदी की डिमांड की थी। गरीब होने के चलते कौशल्या देवी पैसे नहीं दे पाईं, इसलिए शुद्धिकरण के बहाने इनका नाम काट दिया गया। इनके घर में कोई जेंट्स नहीं है। कौशल्या देवी 75 वर्ष की हैं और उनकी पोती करीब आठ साल की हैं।

Next Story
Share it