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रेपो रेट में कटौती, जानिए किस प्रकार आपको पहुंचेगा लाभ?

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को प्रमुख ब्याज दर यानी रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती की। केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में रेपो रेट छह फीसदी से घटाकर 5.75 फीसदी करने का फैसला लिया, जोकि तत्काल प्रभाव से लागू है। केंद्रीय बैंक की ओर से इस साल के अंदर की गई यह तीसरी कटौती है। इस प्रकार रिवर्स रेपो रेट घटकर 5.50 फीसदी हो गया है और सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) पर ब्याज दर और बैंक दर छह फीसदी रखी गई है।

जल्द मिलेगा लाभ

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय बैंक यह सुनिश्चित करेगा कि प्रमुख ब्याज दरों में कटौती का हस्तांतरण जल्द और ज्यादा हो। बता दें कि रेपो रेट में कटौती के बाद अब होम, कार व अन्य तरह के कई लोग पर ब्याज दर में कटौती हो सकती है। इसके अलावा वाणिज्यिक बैंक ऑटोमोबाइल और आवासीय ऋणों की दरें घटा सकते हैं, जिससे आगे आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी।

क्या है रेपो रेट?

रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पावधि ऋण मुहैया करवाता है, जबकि रिवर्स रेपो रेट पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों से जमा प्राप्त करता है। आरबीआई के ये फैसले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर को चार फीसदी के करीब रखने के उद्देश्य के अनुरूप हैं।

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास समेत एमपीसी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती करने और मौद्रिक नीति में तटस्थता के रुख में बदलाव लाते हुए नरम रुख बनाए रखने का फैसला लिया। एमपीसी की बैठक के मिनट्स (ब्योरे) 20 जून 2019 को जारी होंगे और अगली बैठक 5-7 अगस्त 2019 को होगी।

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