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शीत गृहों के बंद करने के आदेश के खिलाफ आलू किसानों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव

शीत गृहों के बंद करने के आदेश के खिलाफ आलू किसानों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव
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पूर्व विधायक किसानों के समर्थन में आए

आगरा। शीत गृहों को 31 अक्टूबर तक बंद करने के आदेश के खिलाफ सैकड़ों आलू किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी पीएन सिंह को ज्ञापन देकर पूर्व के वर्षों की तरह 30 नवम्बर तक शीत गृहों के संचालन की मांग की। वहीं कई पूर्व विधायक किसानों के समर्थन में आए।

आलू किसान प्रकाश सिंह जूरैल ने कहा कि अभी बहुत बड़ी संख्या में किसानों ने आलू की बुवाई नहीं की है। सरकार और प्रशासन ने 31 अक्टूबर तक कोल्ड स्टोरों को बंद करने का आदेश दे दिया है। अभी लगभग पूरे नवंबर माह में किसान आलू की बुवाई करेंगे। ऐसे में आलू का बीज कोल्ड स्टोर में से निकाल दिया जाए तो वह खराब हो जाएगा। फिर किसान किस तरह आलू की बुवाई कर पाएंगे। दफ्तरों में बैठकर फैसला लेना किसानों के साथ—साथ आम जनता के लिए भी दुखदाई साबित होगा। इसके साथ ही हम सरकार से मांग करते हैं कि पूर्व की भांति 30 नवंबर तक कोल्ड स्टोरों का संचालन जारी रखा जाए। अन्यथा की स्थिति में किसान सड़कों पर होंगे।

पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने कहा कि पिछले लगभग चार-पांच वर्षों बाद आलू किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। लेकिन सरकार किसानों के साथ द्वेष भावना से कार्य कर रही है। आलम यह है कि एक माह पहले ही 31 अक्टूबर को कोल्ड स्टोरों को बंद करने का आदेश दे दिया है। जिसका परिणाम है कि प्रशासन के डर के कारण व्यापारी कोल्ड स्टोर में किसानों के आलू खरीदने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हमने आज जिलाधिकारी को भी पत्र लिखकर मांग की है कि 30 नवंबर तक शीत ग्रहों का संचालन जारी रखें और इसके साथ साथ किसानों के आलू को छेड़ा न जाए।

गौरतलब है कि सरकार द्वारा प्रदेश में आलू की जमाखोरी पर अंकुश लगाने और जनता को महंगाई से निजात दिलाने के लिए शीत गृहों को 31 अक्टूबर तक खाली करने के आदेश दिए हैं। लेकिन सरकार का यह आदेश किसानों को रास नहीं आ रहा है, जिसका एक बड़ा कारण अभी पूरे क्षेत्र में आलू की बुवाई का ना होना है। इसके अलावा नियमों के अनुसार शीत गृहों के स्वामी किसानों से 30 नवम्बर तक का किराया लेते है और शीत गृह भी 30 नवंबर को चलाए जाते हैं।<

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