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अब बच्चों के रिपोर्ट कार्ड नहीं बल्कि जारी होंगे प्रोग्रेस कार्ड, हुआ अहम बदलाव

भारत में लगभग 34 साल बाद बीते बुधवार को ही नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई थी। जिस पर केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम मोदी की मंजूरी के बाद अंतिम मुंहर लगाई थी। इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और रमेश पोखरियाल निशंक की ओर से दी गई थी। उन्होंने बताया था कि इस नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा में छात्रों के हित से जुड़े कई अहम बदलाव हुए हैं।

इस नीति के जरिए अब अब यह तय हो गया है कि अब छात्रों को रिपोर्ट कार्ड नहीं बल्कि उन्हें उसकी जगह प्रोग्रेस कार्ड जारी किया जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि अब यह छात्रों पर ही निर्भर होगा कि वो क्या विषय लेना चाहते हैं, अब वो इंजीनियरिंग के साथ संगीत भी ले सकते हैं।

उन्होंने बताया है कि नई शिक्षा नीति के जरिए भारत की उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा की पद्यति में कई अहम बदलाव होंगे। नई शिक्षा नीति में ऑनलाइन शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि हमने उच्च शिक्षा के लिए एक आयोग भी बनाया है। इसके लिए चार काउंसिल भी बनाई गई हैं। उन्होंने कहा है कि हम लोगों ने मानव संसाधन का नाम ही नहीं बल्कि नीतियां भी बदली हैं। एचआरडी मंत्री ने कहा है कि नई शिक्षा नीति से हम संस्कारयुक्त शिक्षा नीति बनाएंगे।

बता दें कि भारत में 34 साल बाद पहली बार नई शिक्षा नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसमें सरकार ने हायर एजुकेशन और स्कूली शिक्षा को लेकर कई अहम बदलाव किए हैं। सरकार अब न्यू नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार करेगी। इसमें ईसीई, स्कूल, टीचर्स और एडल्ट एजुकेशन को जोड़ा जाएगा. बोर्ड एग्जाम को भाग में बांटा जाएगा। अब दो बोर्ड परीक्षाओं के तनाव को कम करने के लिए बोर्ड तीन बार भी परीक्षा करा सकता है।

इसके अलावा अब बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में लाइफ स्किल्स को जोड़ा जाएगा. जैसे कि आपने अगर स्कूल में कुछ रोजगारपरक सीखा है तो इसे आपके रिपोर्ट कार्ड में जगह मिलेगी, जिससे बच्चों में लाइफ स्किल्स का भी विकास हो सकेगा। अभी तक रिपोर्ट कार्ड में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था।

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