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कोरोना काल में इन कारगर नुस्खों से स्वस्थ्य रखें अपने फेफड़े,नहीं पड़ेगी ऑक्सीजन की ज़रूरत

कोरोना काल में इन कारगर नुस्खों से स्वस्थ्य रखें अपने फेफड़े,नहीं पड़ेगी ऑक्सीजन की ज़रूरत
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इस समय कोरोना महामारी का समय चल रहा है और साथ ही इस समय जो कोरोना के दौर में जो मौतें हो रही हैं उसमे ऑक्सीजन की कमी न होना या फेफड़ों का डैमेज हो जाना बड़ा कारण है. ऐसे में अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना बहुत ही जरूरी हो गया है। कोरोना संक्रमण का असर जब श्वास नली के रास्ते फेफड़ों तक पहुंचता है तो यह खतरनाक हो जाता है और संक्रमित को सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है। क्या आप जानते हैं कि फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए कई सारे उपाय घर में ही मौजूद होते हैं। अपने खानपान में कुछ चीजों को शामिल कर फेफड़े का ख्याल रखा जा सकता है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने के ये तरीके न ही ज्यादा खर्चीले हैं और न ही बहुत मुश्किल।

बेहद अहम हैं फेफड़े

  • फेफड़े यानी लंग्स शरीर का एक बहुत अहम हिस्सा है. फेफड़ों के अस्वस्थ रहने पर कई बीमारियां हो सकती हैं जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, टीबी, फेफड़ों का कैंसर आदि. आजकल कोरोना में फेफड़ों के ख़राब या इन्फेक्ट होने की शिकायत ज़्यादा मिल रही हैं. इसलिए फेफड़ों की सेहत का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है.तो आइए, आपको बताते हैं किन बातों ध्यान रखकर आप अपने फेफड़ों को मजबूत और स्वस्थ्य रख सकते हैं.

विटामिन-C युक्त डाइट

  • खट्टे फल जैसे- संतरा, नींबू, टमाटर, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, अनानास, आम आदि में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है। 'विटामिन सी' से भरपूर आहार का सेवन करने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। 'विटामिन सी' से भरपूर आहार में एंटीऑक्सीडेंट होते है, जो सांस लेने के बाद ऑक्सीजन को सभी अंगों तक पहुंचाने में मदद करते है।
  • विटामिन सी हमारे लंग्स के लिए सबसे ज़्यदा गुणकारी और फायदेमंद होता है. खट्टे फल जैसे- संतरा, नींबू, टमाटर, कीवी, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, अनानास, आम आदि में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है. शरीर के विषैले पदार्थो को ख़त्म करने में विटामिन सी सबसे लाभदायक है.

लहसुन भी है फायदेमंद

  • लहसुन का सेवन कफ को खत्म करने में सहायक होता है और अगर खाना खाने के बाद लहसुन खाया जाए तो ये छाती को साफ रखता है। लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो संक्रमण से लड़ते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
  • लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट होता है जो एक प्रकार से हमारे लंग्स की सफाई करने में मदद करता है. साथ ही लहसुन का प्रयोग कफ की तकलीफों को भी दूर करने में मदद करता है.
  • लहसुन में बहुत सारे एंटिबायोटिक्स पाए जाते हैं। यह हमारे फेफड़ों में सूजन, संक्रमण नहीं होने देता। लहसुन का स्वाद और गंध भले ही आपको पसंद ना आए, लेकिन सेहत के लिए यह बहुत ही फायदेमंद है। यह हमारे फेफड़ों को साफ और दुरुस्त रखता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी हर दिन लहसुन की एक कच्ची कली का सेवन करने की सलाह देते हैं।

लाइकोपेन युक्त डाइट

ऐसे आहार का सेवन करें जो लाइकोपेन युक्त हो जैसे टमाटर, गाजर, तरबूज, पपीता, शकरकंद और हरी सब्जियां। इस तरह के आहार में कैरोटीनॉयड एंटीऑक्सीडेंट होता है जो अस्थमा से बचाने में भी सहायक होता है, साथ ही इन्हें खाने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम होता है।

मुनक्का का सेवन :

रोजाना भिगे हुए मुनक्का का सेवन करने से भी फेफड़े मजबूत होते हैं और बीमारियों से लड़ने की उनकी क्षमता बढ़ती है।रोज़ाना भीगे हुए मुनक्कों का सेवन करना लाभदायक होता है.

तुलसी की पत्तियों का सेवन:

अगर फेफड़ों में कफ जमा हो तो इसे खत्म करने के लिए तुलसी के सूखे पत्ते, कत्थान, कपूर और इलायची को बराबर मात्रा में पीस लें। अब इसमें नौ गुना चीनी मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को चुटकी भर दिन में दो बार खाएं। इससे फेफड़ों में जमा कफ खत्म होने में मदद मिलती है। तुलसी भी एक बहुत ही गुणकारी एंटीऑक्सीडेंट है और ये छाती में जमे कफ को ख़त्म करने में मदद करती है. चाय में कुछ तुलसी के पत्‍तों को डालकर सेवन करना चाहिए.

अदरक का करें सेवन

अदरक शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में सबसे ज़्यादा लाभदायक माना जाता है और रोज़ाना सुबह अदरक का रस शहद के साथ गर्म पानी में मिलाकर लेने से हमारे फेफड़े डेटॉक्स होते हैं.

मुलेठी है फायदेमंद

मुलेठी में एंटी इन्‍फ्लैमेटरी गुण पाए जाते हैं और ये हमारे फेफड़ों को साफ़ करने में मदद करता है.

हल्दी में है एंटी-इंफ्लामेट्री गुण

हल्दी में एंटी-इंफ्लामेट्री गुण पाए जाते हैं। सर्दी, खांसी जैसी समस्या में यह बहुत आराम देता है। कोरोना संक्रमण में भी बुखार, सिरदर्द के साथ सर्दी और खांसी जैसी समस्या होती है। शरीर में प्रवेश करने के बाद कोरोना वायरस पहले श्वसन तंत्र पर ही हमला करता है, जिससे सीने में जकड़न, सूजन, भारीपन आदि महसूस होता है। ऐसी समस्याओं में हल्दी का सेवन करना फायदेमंद साबित होता है। सर्दी और खांसी में दूध में हल्दी मिलाकर पीने से बहुत राहत होती है।

पेपरमिंट टी और ग्रीन टी है गुणकारी

  • सांस संबंधी बीमारियों को ठीक करने में पेपरमिंट और पुदीना का इस्तेमाल होता रहा है। फेफड़ों की सफाई और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए मिंट की बड़ी भूमिका होती है। दिन में एक से दो बार मिंट टी का सेवन करने से फेफड़ों की सेहत दुरुस्त की जा सकती है।
  • दूध वाली चाय की बजाय ग्रीन-टी पीना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। इसे बनाना भी बहुत आसान है, लेकिन कुछ लोगों को इसका स्वाद पसंद नहीं होता। हालांकि लगातार पीने से ग्रीन-टी की आदत बन जाती है। पॉलिफेनॉल्स और एंटी-इंफ्लामेट्री गुणों के कारण ग्रीन-टी पीना फेफड़ों की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। दूध वाली चाय की तरह इससे सेहत को नुकसान नहीं पहुंचता।

शहद के हैं कई गुण

शहद प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है। यह सूखी खांसी में बहुत राहत देता है। श्वसन तंत्र को मजबूत बनाए रखने और संक्रमण से बचाने में इसकी बड़ी भूमिका होती है। इसके साथ ही रात को सोने से आधा घंटे पहले एक चम्मच शहद का सेवन करने से अच्छी नींद आती है। वहीं, दूध के साथ शहद का सेवन करने से शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं।

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