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रामनवमी:कोरोना के कहर चलते सूना होगा अयोध्या का राम दरबार,राजनेताओं ने ऐसे दी बधाई

रामनवमी:कोरोना के कहर चलते सूना होगा अयोध्या का राम दरबार,राजनेताओं ने ऐसे दी बधाई
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राम नवमी का त्योहार हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में नवमी तिथि को मनाया जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान रामचन्द्र का जन्म हुआ था. हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग इस पर्व को बड़े धूमधाम से मनाते हैं. इसके साथ ही इस दिन नवरात्रि का नौवा दिन होता है और इस दिन कन्या पूजन भी किया जाता है.

भगवान श्री राम को मर्यादा का प्रतीक माना जाता है। उन्हें पुरुषोत्तम यानि श्रेष्ठ पुरुष की संज्ञा दी जाती है। वे स्त्री पुरुष में भेद नहीं करते। कहा जाता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म रावण के अंत के लिए हुआ था।

देश के नेताओं ने दी शुभकामनाएं

आज रामनवमी के त्यौहार पर देश के तमाम बड़े नेताओं ने देश को सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं दी हैं.देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा। .."रामनवमी की मंगलकामनाएं। देशवासियों पर भगवान श्रीराम की असीम अनुकंपा सदा बनी रहे। जय श्रीराम!"

दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा-

"सभी देशवासियों को श्री रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम जी का आशीर्वाद आप सभी पर सदा बना रहे, आप स्वस्थ रहें, समृद्ध रहें।"

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा-"शक्ति की अधिष्ठात्री देवी के अनुष्ठान की नवमी तिथि एवं रामनवमी के पावन पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

सनातन जगत की सकल आस्था के केंद्र व भारत की अटूट श्रद्धा के प्रतीक मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की कृपा से हम सभी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति का वास हो।"

सूना रहेगा राम दरबार

आपको बता दें कोरोना के कहर के चलते इस साल अयोध्या में राममंदिर में श्रद्धालुओं के आने की रोक है.रामजन्मभूमि में भी भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। जिसके चलते इस बार रामनवमी पर भक्त रामलला का दर्शन नहीं कर सकेंगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से बीते सोमवार को रामजन्मभूमि में स्थानीय व बाहरी भक्तों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने का निर्देश जारी किया गया है। हालांकि रामलला के दरबार में प्रभु राम की सेवा व नित्य की पूजा-अर्चना, आरती होती रहेगी। भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव भी सादगी पूर्वक मनाया जाएगा।

नहीं होगा मेला

राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद यह पहली राम नवमी है। कुछ दिन पहले तक सरकार से लेकर साधु-संत तक इस तैयारी में जुटे थे कि 21 अप्रैल को राम नवमी भव्य तरीके से मनाई जाए, लेकिन कोरोना के बेकाबू संक्रमण ने इस उत्साह पर पानी फेर दिया है।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राम नवमी बिना श्रद्धालुओं के मंदिर में पूजा-अर्चना तक सीमित रहेगी। पिछले साल 2020 में भी लॉकडाउन के चलते राम नवमी के कार्यक्रम नहीं हो सके थे। यह लगातार दूसरा साल होगा, जब अयोध्या में राम नवमी का मेला नहीं लगेगा।

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