Top
Pradesh Jagran

कवि पंकज प्रसून ने बिना किसी आर्थिक मदद के गांवों में बनाए 10 ऑक्सीजन बेड

कवि पंकज प्रसून ने बिना किसी आर्थिक मदद के गांवों में बनाए 10 ऑक्सीजन बेड
X

लोहड़ा में आज खुला जिले का सातवां कोविड केयर सेन्टर

रायबरेली। कवि पंकज प्रसून ने 'आओ गांव बचाओ मुहिम' के तहत मंगलवार को सतांव ब्लॉक के लोहड़ा ग्राम में 'कोविड केयर एंड हेल्प सेन्टर का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त पंकज प्रसून और डॉ. कमलेश शुक्ल ने 23 विधवा महिलाओं को 12 किलो राशन की किट मुहैया कराई।



कोविड केयर सेन्टर के लिए अभियान के कॉर्डिनेटर नीरज शुक्ल ने अपने तीन कमरों की दुकान को तीन बेड के अस्थाई होस्पिटल का रूप दे दिया है। नीरज की बिल्डिंग मैटीरियल की दुकान है जो लॉकडाउन के चलते बन्द पड़ी थी। इस सेन्टर पर नर्सिंग स्टाफ श्रवण कुमार सिंह ने मरीजों का ऑक्सीजन सेचुरेशन, तापमान, ब्लड प्रेशर नापा।



मरीज नम्बर -1

जांच कराने आये एक मरीज खांसी आ रही थी लेकिन बुखार नहीं था। ऑक्सीजन सेचुरेशन भी 95 था। ऐसे में मुहिम से जुड़े एसजीपीजीआई के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ज्ञान चंद को फोन कॉलिंग से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि किट में मौजूद आइवरमेकटिन को सिर्फ 3 दिन तक खाना है और डोक्सीसाइकलिन को नहीं खाना है। उसकी जगह पर उन्होंने एज़ीथ्रोमसाइसीन लेने को कहा। पैरासिटामाल 650 एमजी के बजाय 500 एमजी लेने की सलाह दी। बाकी विटामिन डी और विटामिन सी की गोलियां खाने की सलाह दी।इसके बाद मरीज को किट दी गई।

मरीज नम्बर-2

एक मरीज को सांस लेने में दिक्कत थी, लेकिन बुखार या खांसी नहीं आ रही थी। उसका ऑक्सीजन सेचुरेशन नापा गया तो वह 91 निकला। डॉक्टर ने फोन पर बताया कि इनको 1.5 लीटर/मिनट के फ्लो रेट से 20 मिनट तक ऑक्सीजन दीजिये। उनको ऑक्सीजन दी गई। जिससे उनका ऑक्सीजन सेचुरेशन सामान्य हो गया। उसे नियमित ऑक्सीजन चेक करने की सलाह दी गई।




आडियो कॉल के ज़रिए लोगों से रूबरू हुए डॉक्टर

सेन्टर पर फोन कॉलिंग द्वारा डॉ. ज्ञान चंद ने बताया कि ज्यादातर घरों के लोग कोविड की इस लहर में बुखार से पीड़ित रहे। इसलिए पोस्ट कोविड केयर सबके लिए ज़रूरी है। प्रोटीन विटामिन्स युक्त भोजन करें। सुबह हल्की धूप में ज़रूर टहलें। एक श्रोता ने कहा कि वह वैक्सीन नहीं लगवाना चाहता, तो उन्होंने बताया कि इससे पहले पोलियो को लेकर भी यही धारणा थी लेकिन आज वैक्सीन के बदौलत ही देश पोलियो मुक्त हो पाया है। उन्होंने व्हाट्सप मेसेज के बजाए देश विदेश के वैज्ञानिको पर भरोसा करने की बात की।

राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक एवम आयुर्वेद के डॉक्टर संजीव ओझा ने ग्रामीण जनता को इम्यूनिटी बढ़ाने और तीसरी लहर से बचने के लिए तुलसी, नीम पत्ती और हल्दी के सेवन पर बल दिया। मॉस्क और साबुन के नियमित प्रयोग के साथ उन्होंने कहा कि जब भी हाथ धोएं तो साथ मे नाक और आंख पर भी छीटें मारें। बार बार हाथ मुंह के पास ले जाने की आदत को भी बदलें। उन्होंने कहा कि काढ़ा अधिकतम दिन में सिर्फ दो टाइम ही पियें। और इसे आदत में फ़ूड हैबिट में शामिल करें। उन्होंने आयुष काढ़े को सर्वोत्तम बताया।

पंकज प्रसून ने बताया उनका 'आओ गांव बचाएं अभियान' आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने सपोर्ट करने के लिए डॉ. कुमार विश्वास, सोनू सूद, भारत विमर्श फाउंडेशन, आलमबाग गुरुद्वारा औऱ मालिनी अवस्थी को शुक्रिया कहा।

Next Story
Share it