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केंद्र ने कसे पेंच तो Twitter पड़ा ढीला, भागवत समेत कई RSS नेताओं के ब्लू टिक बहाल

केंद्र ने कसे पेंच तो Twitter पड़ा ढीला, भागवत समेत कई RSS नेताओं के ब्लू टिक बहाल
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नई दिल्ली। ट्विटर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के पर्सनल वेरीफाइड अकाउंट @DrMohanBhagwat से ब्लू बैज हटा दिया था और अब इसे लौटा दिया है। अब उनकी प्रोफाइल पर ब्लू टिक नजर आ रहा है।

ट्विटर ने डॉ. भागवत समेत कई बड़े नेताओं का भी ब्लू टिक वापस कर दिया है। शाम 4.30 बजे से पहले तक आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार, सरकार्यवाह सुरेश जोशी, सह-सरकार्यवाह सुरेश सोनी और कृष्णगोपाल के ट्विटर हैंडल पर ब्लू बैज नजर नहीं आ रहा था।

ट्विटर की तरफ से इसके पीछे कोई वजह भी नहीं बताई गई थी। हालांकि अब ट्विटर ने इन सभी को ब्लू टिक वापस कर दिया है। आरएसएस से जुड़े एक पदाधिकारी राजीव तुली ने इस बारे में ट्वीट कर जानकारी दी है।

इससे पहले ट्विटर ने उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के पर्सनल वेरीफाइड अकाउंट से भी ब्लू बैज हटा दिया था। हालांकि, दो घंटों बाद ही उपराष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल को ब्लू टिक वापस कर दिया गया।

बता दें ट्विटर ने हाल ही में अपनी ब्लू टिक वेरीफिकेशन प्रोसेस को दोबारा शुरू किया है और इसके साथ ही उसने पुराने हैंडल्स को क्रॉस-चेक करते हुए ब्लू बैज को हटाना शुरू किया है। बताया जा रहा है कि इसी के तहत RSS के इन बड़े नेताओं के ट्विटर हैंडल पर ब्लू बैज नजर नहीं आ रहा था। ट्विटर के अनुसार, ट्विटर पर ब्लू वेरीफाइड बैज लोगों को यह बताता है कि किसी ऑथेंटिक अकाउंट पर पब्लिक का इंटरेस्ट है।

केंद्र सरकार ने दी है ट्विटर को चेतावनी

ये पूरा बवाल ऐसे समय में मचा जब केन्द्र सरकार द्वारा पेश किए गए नए आईटी नियमों को ठीक तरह से लागू न करने को लेकर सरकार ने ट्विटर को नोटिस भेजा है और इस पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। सरकार ने ट्विटर को नए नियमों को मानने को लेकर आखिरी मौका देते हुए चेतावनी दी है कि अगर वह सभी नियमों को नहीं मानता है तो इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार ने अपने 26 मई और 28 मई, 2021 को भेजे गए खत और उस पर ट्विटर द्वारा 28 मई और 2 जून, 2021 को भेजे गए का हवाला देते हुए कहा है कि माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म द्वारा दिए गए जवाब पूरी तरह से MeitY को संतुष्ट नहीं करते हैं और न ही नए नियमों को पूरी तरह से मानते हुए दिखाई देते हैं.

किन स्थितियों में हटाया जाता है ब्लू बैज?

वेरीफाइड होने के लिए, एक अकाउंट नोटेबल, ऑथेंटिक और एक्टिव होना चाहिए। ट्विटर जिन 6 प्रकार के अकाउन्ट्स की पुष्टि करता है। उनमें सरकारी कंपनियां, ब्रांड और गैर-लाभकारी संगठन, समाचार संगठन और पत्रकार, मनोरंजन, खेल और निर्यात, कार्यकर्ता, आयोजक और अन्य प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हैं। ट्विटर कहता है कि यदि कोई अकाउंट अपना यूजर नेम (@handle) बदलता है या कोई अकाउंट इनएक्टिवेट या इनकम्पलीट हो जाता है या यदि अकाउंट का ऑनर अब नहीं है, तो वह किसी भी समय और बिना किसी सूचना के किसी भी ट्विटर खाते के ब्लू वेरीफाइड बैज और वेरीफाइड स्थिति को हटा सकता है।

ट्विटर उन अकाउन्ट्स से ब्लू वेरीफाइड बैज को भी हटा सकता है जो ट्विटर के नियमों का गंभीर या बार-बार उल्लंघन करते हुए पाए जाते हैं, जिसमें आपके प्रदर्शन नाम या जैव उल्लंघनों को बदलकर ट्विटर पर लोगों को जानबूझकर या जानबूझकर गुमराह करना शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप तत्काल अकाउंट सस्पेंड होता है। ट्वीट्स, जिनमें घृणित आचरण नीति, अपमानजनक व्यवहार, हिंसा नीति का महिमामंडन, नागरिक अखंडता नीति, निजी सूचना नीति, या प्लेटफ़ॉर्म हेरफेर और स्पैम नीति शामिल हैं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं हैं।

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