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भारत में तीसरी वैक्सीन को मिली मंजूरी,जानिए Sputnik V के बारे में सबकुछ

भारत में तीसरी वैक्सीन को मिली मंजूरी,जानिए Sputnik V के बारे में सबकुछ
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कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार वैक्सीनेशन शुरू किया था. अभी तक देश में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन कोविशील्ड ही देशवासियों को लगायी जा रही है.इस बीच देश को एक और वैक्सीन मिल गयी है.इसके साथ ही भारत को अब कोरोना से बचाने के लिए अब कुल तीन वैक्सीन मिल गयी है और ये तीसरी वैक्सीन है रूस द्वारा बनायीं गयी "स्पुतनिक-वी".ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने रूस में विकसित COVID-19 वैक्सीन स्पुतनिक V के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दे दी है.

क्या है "स्पुतनिक-वी"

  • स्पुतनिक-वी वेक्टर आधारित वैक्सीन है। इसमें एडेनोवायरस--5 व एडेनोवायरस--26 का इस्तेमाल किया गया है, जो कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन को खत्म करते हैं। एस्ट्राजेनेका व जॉनसन एंड जॉनसन आदि कंपनियों ने भी अपनी वैक्सीन में इन्हीं में से किसी एक वेक्टर का इस्तेमाल किया है.
  • मॉस्को के गेमाले नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा विकसित स्पुतनिक वी वैक्सीन दो अलग-अलग वायरस का उपयोग करता है जो मनुष्यों में सामान्य सर्दी (एडेनोवायरस) का कारण बनता है। एडेनोवायरस कमजोर हो जाता है इसलिए वह मनुष्यों में दोहरा नहीं सकता है और बीमारी का कारण नहीं बन सकता।
  • आपको बता दें कि इस वैक्सीन को संशोधित भी किया जाता है। इस कारण से वैक्सीन कोरोनो वायरस स्पाइक प्रोटीन बनाने के लिए एक कोड प्रदान करता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब वास्तविक वायरस शरीर को संक्रमित करने की कोशिश करता है, तो यह एंटीबॉडी के रूप में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को माउंट कर सकता है.
  • आरडीआईएफ के अनुसार, स्पुतनिक वी को 55 देशों में 150 करोड़ से अधिक लोगों के उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया है।

कितने दिन में लगती है

कोविशील्ड का उत्पादन भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ही कर रही है। कोवैक्सीन और कोविशील्ड, दोनों वैक्सीन दो खुराकों वाली है। इनकी पहली डोज लेने के कम-से-कम चार हफ्ते बाद दूसरी डोज दिए जाने का नियम है। ऐसे ही स्पुतनिक V भी दो खुराकों वाली वैक्सीन है. ये वैक्सीन 2 से 8 डिग्री पर स्टोर हो सकती है. इस वैक्सीन की दो खुराक 21 दिन के अंतराल पर लगाई जा रही हैं. अब तक 60 देश इस वैक्सीन को मंजूरी दे चुके हैं.

कितनी % है कारगर ?

साइंस जर्नल लैंसेट के मुताबिक, 60 साल से ऊपर के लोगों पर जब Sputnik-V का ट्रायल किया गया, तो पहला डोज लगने के 21 दिन बाद तक उन लोगों में कोरोना के गंभीर या मध्यम लक्षण नहीं दिखाई दिए और इस एज ग्रुप में इसकी एफिकेसी रेट 91.8% दर्ज की गई थी. इस तरह से ये नतीजा निकाला गया कि कोरोना के गंभीर या मध्यम मरीजों के खिलाफ वैक्सीन 100% कारगर है. इसके अलावा रूस में 18 साल से ऊपर के 20 हजार से ज्यादा वॉलेंटियर्स पर इसके फेज-3 ट्रायल्स किए गए थे. कुल मिलाकर ये सामने आया था कि कोरोना के खिलाफ वैक्सीन 91.6% प्रभावी है. भारत में 1,300 वॉलेंटियर्स पर इसके फेज-3 ट्रायल किए गए।

क्या होगी कीमत

अभी इसकी कीमत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है. लेकिन माना जा रहा है कि Sputnik V वैक्सीन की एक डोज की कीमत 10 डॉलर से भी कम हो सकती है. जो मौजूदा वैल्यू के हिसाब से 750 रुपए के आसपास होते हैं. वहीं, हमारे देश में अभी जो कोविशील्ड और कोवैक्सीन मिल रही है, उसकी एक डोज की कीमत 250 रुपए है.

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