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रशियन वैक्सीन 'स्पुतनिक वी' अगले हफ्ते से मॉर्केट में होगी उपलब्ध,सरकार ने दी मंजूरी

रशियन वैक्सीन स्पुतनिक वी अगले हफ्ते से मॉर्केट में होगी उपलब्ध,सरकार ने दी मंजूरी
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कोरोना की दूसरी लहर के बीच वैक्सीनेशन भी देश में जोरो पर किया जा रहा है. देश में कोवैक्सीन,कोविशील्ड के अलावा अब अन्य कंपनियों की वैक्सीन को भी देश में मंजूरी मिल रही है.इस बीच एक खबर और आ रही है की देश में अगले हफ्ते से रूस की कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक बाजार में उपलब्ध होगी।

स्‍पूतनिक भारत आ रही,जुलाई से होगा उत्पादन

  • नीति आयोग ने गुरुवार को जानकारी दी है कि रूस की कोरोना वैक्‍सीन स्‍पूतनिक भारत आ रही है. नीति आयोग के सदस्‍य डॉ. वीके पॉल ने कहा, 'मुझे यह कहने में खुशी हो रही है कि हम आशांवित हैं कि अगले हफ्ते से स्‍पूतनिक (Sputnik) बाजार में उपलब्‍ध होगी.'
  • इस वैक्सीन का जुलाई से भारत में उत्पादन होगा। उन्होंने कहा, 'स्पूतनिक वैक्सीन भारत में पहुंच गई है। मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हम उम्मीद करते हैं कि अगले हफ्ते से यह बाजार में उपलब्ध रहेगी। हम यह भी आशा करते हैं कि रूस से आई वैक्सीन की सीमित मात्रा में बिक्री अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगी।
  • डॉ. वीके पॉल ने कहा, 'हम रूस से आई हुई तय मात्रा में स्‍पूतनिक वैक्‍सीन की बिक्री के अगले हफ्ते से शुरू होने की आशा करते हैं. उन्‍होंने कहा कि आगे भी सप्‍लाई को लेकर प्रयास जारी रहेंगे. स्‍पूतनिक वैक्‍सीन का उत्‍पादन जुलाई से शुरू होगा. ऐसा आकलन है कि उस समय वैक्‍सीन की 15.6 करोड़ डोज बनाई जाएंगी.'
  • डॉ. पॉल ने कहा कि भारत में करीब 18 करोड़ के आसपास कोरोना वैक्‍सीन की डोज लगाई जा चुकी हैं. अमेरिका में यह आंकड़ा 26 करोड़ के आसपास है. ऐसे में भारत तीसरे स्‍थान पर है.इसके अलावा केंद्र सरकार ने अगस्त से दिसंबर के दौरान भारत में 216 करोड़ कोरोना टीकों की मैन्युफैक्चरिंग का ऐलान किया है.

विदेशी वैक्सीन आएंगी भारत

नीति आयोग मेंबर डॉ. वी. के पॉल ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए लगातार हर स्तर पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगस्त से दिसंबर तक की वैक्सीन की उपलब्धता देखें तो कुल 216 करोड़ वैक्सीन डोज उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसमें 55 करोड़ डोज कोवैक्सीन, 75 करोड़ कोविशील्ड, 30 करोड़ बायो ई सब यूनिट वैक्सीन, 5 करोड़ जायडस कैंडिला डीएनए, 20 करोड़ नोवावैक्सीन, 10 करोड़ भारत बायोटेक नेजल वैक्सीन, 6 करोड़ जिनोवा और 15 करोड़ डोज स्पुतनिक की उपलब्ध होगी। इसके अलावा दूसरी विदेशी वैक्सीन भी आ सकती है।

पॉल ने बताया, 'जॉनसन का कहना है कि वह अपने तरीके से काम कर रहे हैं। भारत में इस साल की तीसरी तिमाही में टीकों की उपलब्धता हो सकती है। हम उनसे संपर्क में हैं। हमें उम्मीद है कि वे भारत में टीकों की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए काम करेंगे।' भारत में विदेशी टीकों को मंजूरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नॉलजी एवं अन्य संबंधित विभाग फाइजर, मॉडर्ना, जॉनसन एंड जॉनसन जैसी कंपनियों के साथ शुरुआती दौर से ही संपर्क में हैं। हमने उनसे आधिकारिक तौर पर कहा है कि यदि वे भारत में वैक्सीन भेजना चाहेंगे या मैन्युफैक्चिंग को तैयार होंगे तो हम उन्हें मदद करेंगे और उनके लिए पार्टनर की भी तलाश करेंगे।

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