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महाकुम्भ2021अपडेट: कोरोना के कहर के बीच पूरे हुए तीन शाही स्नान,महामंडेलश्वर की कोरोना से निधन

महाकुम्भ2021अपडेट: कोरोना के कहर के बीच पूरे हुए तीन शाही स्नान,महामंडेलश्वर की कोरोना से निधन
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महाकुंभ में मेष संक्रांति के शाही स्नान के साथ संन्यासियों का कुंभ भी पूरा हो गया। वहीं, एक संत ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को मेला प्रशासन की ओर से दी गई सुविधाएं वापस लेने का आग्रह किया है। गुरुवार से कई संन्यासी छावनियां छोड़ना शुरू कर देंगे। वहीं, कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रसार के बीच कुंभ समापन की अटकलें भी तेज होने लगी हैं।

महामंडेलश्वर का हुआ कोरोना से निधन

उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित कुंभ मेला में शामिल हुए निर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर कपिल देव का गुरुवार (15 अप्रैल, 2021) को निधन हो गया. उन्हें कोरोना वायरस महामारी की पुष्टि हुई थी और इलाज के लिए प्रदेश के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था| बीते मंगलवार को 9 महात्मा संक्रमित निकले और उससे पहले भी इतने ही संत कोरोना संक्रमण का शिकार हुए। महाकुंभ में कोरोना विस्फोट हुआ है। यहां अप्रैल 10-14 के बीच 2167 तीर्थयात्री और साधु कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। बता दें कि मेले में कई धर्मिक संगठन के प्रमुखों ने कोरोना टेस्ट कराने से इंकार कर दिया था।

इतने साधु-संतो ने लगायी कुम्भ में डुबकी

हरिद्वार में बीते तीन स्नानों पर 49,31,343 संत और श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है। इनमें 1854 श्रद्धालु, संत और मेले से जुड़े कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। कोविड के साए में कुंभ आयोजन के साथ स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल उठने पर मेला पुलिस ने बुधवार को आंकड़े जारी किए हैं। पुलिस के मुताबिक मकर संक्रांति से लेकर मेष संक्रांति के शाही स्नान तक एक करोड़ से अधिक लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई।

सीएम का बेतुका बयान

  • कुंभ में उमड़ी लाखों की भीड़ और कोरोना गाइडलाइन का पालन न होने पर उठ रहे सवालों पर रावत ने कहा, 'हरिद्वार में 16 से ज्यादा घाट हैं। इसकी तुलना मरकज से नहीं की जा सकती।' बता दें कि कुंभ में बुधवार को तीसरा शाही स्नान चल रहा है। इससे पहले सोमवार को हुए शाही स्नान के दौरान कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं हुआ था.
  • सीएम रावत ने एक मीडिया हाउस के साथ बातचीत में कहा, "मरकज़ का कार्यक्रम एक हॉल के अंदर था। वह हॉल कितना बड़ा है, मैं जानता हूं। वहां एरिया बिलकुल फिक्स था, ना वहां घूमने की जगह थी, वहां सब एक ही हॉल में सोए थे और कई लोग एक रजाई के अंदर घुसे थे।"

समय से पहले नहीं समाप्त होगा कुम्भ

इस बीच कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार कुंभ मेले की अवधि को घटाने से इनकार कर दिया है. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मेला अवधि घटाने पर अभी कोई विचार नहीं है, न ही ऐसा कोई प्रस्ताव राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा है, कुंभ 30 अप्रैल अपनी समय सीमा पर ही समाप्त होगा.

हो चुके तीन शाही स्नान

  • हरिद्वार कुंभ में अब तक तीन शाही स्नान हो चुका है. कल हुए तीसरे शाही स्नान के दौरान करीब 13.51 लाख लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई. इससे पहले दूसरा शाही स्नान 12 अप्रैल यानी सोमवार को हुआ, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं और साधु-संतों ने आस्था की डुबकी लगाई. किसी भी शाही स्नान के दौरान कोरोना नियमों का पालन नहीं किया गया.
  • एक अप्रैल से कुंभ अधिसचूना जारी है और अवधि 30 अप्रैल तक है। इस बीच कोरोना ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। भीड़ बढ़ने के साथ संक्रमण तेजी से फैल रहा है। मेष संक्रांति का शाही स्नान कुंभ का सबसे बड़ा स्नान सकुशल संपन्न हो गया है। अब रामनवमी और 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का शाही स्नान होना है। 27 को चैत्र पूर्णिमा स्नान में सिर्फ बैरागी स्नान करते हैं।
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