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कोरोना वायरस:देश में कोरोना संक्रमण के कुल एक करोड़ से अधिक मामले,मई से मिल सकती है राहत

कोरोना वायरस:देश में कोरोना संक्रमण के कुल एक करोड़ से अधिक मामले,मई से मिल सकती है राहत
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देश में कोरोना का तांडव जारी है और कोरोना से संक्रमण और मौतों के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं.बीते 24 घंटे में पॉजिटिव केसों की संख्या 2 लाख 16 हजार से अधिक पाई गई है। भारत में कोविड-19 के एक दिन में रिकॉर्ड दो लाख से अधिक मामले सामने आने के बाद इस बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 15 लाख के पार चली गई है। महामारी की शुरुआत के बाद से अब तक का यह सर्वाधिक आंकड़ा है, जब एक दिन में 2 लाख 26 हजार से अधिक केस मिले। वहीं 1183 लोगों की मौत हो गई.कोरोना से पीड़ित लोगों के ठीक होने की दर और गिरकर 89.51 प्रतिशत रह गई है।


भारत एक करोड़ के पार

वर्ल्डोमीटर के अनुसार देश में फिलहाल 1 करोड़, 42 लाख 87 हजार 7 सौ 40 मामले हो चुके हैं. वेबसाइट के अनुसार बीते 24 घंटे में देश में 2 लाख 16 हजार 8 सौ 50 नए मामले आए. वहीं 1183 लोगों की मौत हो गई.

गडकरी ने कहा बुरे दौर के लिए रहे तैयार

बुधवार को नागपुर के नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट कोविड सेंटर के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों को चेताया और कहा कि लोग कोरोना वायरस की इस दूसरी लहर में बुरे हालात के लिए तैयार रहें. इस अवसर पर बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी मौजूद थे.नितिन गडकरी का कहा, 'कोरोना वायरस और कितना खतरनाक होगा और कब तक चलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है. घर के घर कोविड ग्रस्त हैं और आने वाले 15 दिन या 1 महीने में क्या होगा यह कहना मुश्किल है.' उन्‍होंने कहा, 'लोगों को सर्वश्रेष्ठ के लिए सोचना चाहिए, लेकिन सबसे खराब के लिए भी तैयार रहना चाहिए. इस महामारी से निपटने के लिए लॉन्ग टर्म प्लान की जरूरत है.'

20-25 अप्रैल को होंगे सबसे ज्यादा मामले

कोरोना वायरस को लेकर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने जहां अगले चार हफ्ते बहुत अहम बताए हैं, वहीं आईआईटी कानपुर की टीम ने गणितीय मॉडल के आधार पर कहा है कि देश में कोरोना की लहर 20 से 25 अप्रैल के बीच अपनी ऊंचाई पर होगी। इस टीम के सदस्य आईआईटी कानपुर के प्रफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने कोरोना की दूसरी लहर से जुड़े तमाम सवालों पर बात की।

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर पहले से ज्‍यादा खतरनाक दिखाई पड़ रही है. 15 अप्रैल यानि कल कोरोना के केस ने दो लाख के आंकड़े को छू लिया है. अभी भी संकट कम नहीं हुआ है. हमारी टीम ने जो गणितीय मॉडल से कोरोना पर नजर रखी है उसके मुताबिक 20 से 25 अप्रैल के बीच यह आंकड़ा दो लाख तक पहुंचना चाहिए था. हालांकि हालात काफी बदल चुके हैं. पीक वैल्यू बदलती जा रही है. हम उम्‍मीद कर रहे हैं कि 20 से 25 अप्रैल के बीच कोरोना पीक पर होगा. इसके बाद थोड़ी राहत मिलने लगेगी यानि मई में स्थितियां सामान्य की तरफ बढ़ेंगी।

मौतों का आंकड़ा कम है

एक्सपर्ट ने बताया कि संक्रमण की पहुंच बीते दो माह में 30 पर्सेंट तक बढ़ी है। इससे मामले तेजी से बढ़े। पिछली लहर में एक हजार मौतें तब हुई थीं, जब देश में एक लाख केस आ रहे थे। वहीं इस बार एक दिन में एक लाख से ऊपर मामले आ रहे हैं मगर संक्रमण से मौतें एक हजार के करीब ही हैं। लॉकडाउन से क्या इस लहर को थामा जा सकता है, इस पर उन्होंने कहा कि इस बार संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ चुका है, इसलिए अब लॉकडाउन का उतना फायदा नहीं होगा, जितना पहली लहर में हुआ था। अब मास्क और उचित दूरी ही बचाव है।

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