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Twitter की बड़ी कार्रवाई, 70 हज़ार ट्रंप समर्थकों के अकाऊंट बंद किए

Twitter की बड़ी कार्रवाई, 70 हज़ार ट्रंप समर्थकों के अकाऊंट बंद किए
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वाशिंगटन डीसी स्थित कैपिटल बिल्डिंग के बाहर हुए हिंसात्मक प्रदर्शन के बाद ट्विटर की ओर से हानिकारक सामग्री शेयर करने वाले 70 हजार से अकाउंट्स को बंद कर दिया है। ये सभी खुद को ट्रंप का समर्थक बता रहे थे और फार राइट कॉन्सपिरेसी थियरी ग्रुप क्यूएनॉन द्वारा प्रचारित तथ्यहीन कंटेट शेयर कर रहे थे। ये सभी इस कंटेट के जरिए कैपिटल हिल पर हुए हमले को सही ठहराने का प्रयास कर रहे थे। इससे पहले हिंसा फैलाने वाले डोनाल्ड ट्रंप के पोस्ट और उसके बाद अकाउंट को भी ट्वीटर ने बंद कर दिया था।

ये सभी खुद को ट्रंप का समर्थक बता रहे थे और फार राइट कॉन्सपिरेसी थियरी ग्रुप क्यूएनॉन द्वारा प्रचारित तथ्यहीन कंटेट शेयर कर रहे थे। ये सभी इस कंटेट के जरिए कैपिटल हिल पर हुए हमले को सही ठहराने का प्रयास कर रहे थे।

ट्विटर ने बयान जारी कर कहा- वाशिंगटन में पेश आई हिंसक घटनाओं के मद्देनज़र और इसके फ़ैलाने की आशंकाओं के बीच हम उन हज़ारों ट्विटर अकाउंट्स को शुक्रवार से हमेशा के लिए बंद करना शुरू कर रहे हैं जो कि QAnon से सम्बंधित कंटेट प्रचारित कर रहे थे। ये सभी अकाउंट बेहद दुर्भावनापूर्ण और समाज को बांटने वाली सामग्री शेयर कर रहे थे और ये सभी कंटेट QAnon ग्रुप द्वारा प्रचारित है। हम इस तरह की अफवाहों और कॉन्सपिरेसी थियरीज को फैलने नहीं दे सकते ये बेहद नुकसानदायक है। बता दें कि इस कंटेंट के जरिए ट्रंप के समर्थक प्रचारित कर रहे हैं कि राष्ट्रपति डेमोक्रेट पार्टी, हॉलीवुड और कथित 'डीप स्टेट' के ऐसे लोगों के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं जो कि बच्चों का यौन शोषण करते हैं। इन सभी को बचाने के लिए ट्रंप के खिलाफ साजिश रची जा रही है।


ट्विटर ने सोमवार को कहा कि इस तरह के झूठे कंटेट शेयर करने वाले अकाउंट्स को हमेशा के लिए बंद किया जा रहा है। खासकर QAnon से जुड़ा कंटेट जिस भी अकाउंट पर पाया जाएगा उसे तत्काल बंद कर दिया जाएगा। क्यूएनॉन ग्रुप के मुताबिक ट्रंप को चुनाव हारने के लिए सभी बुरी ताकतें एक हो गयी हैं और ट्रंप को ईश्वर ने दुनिया को सुधारने के लिए भेजा है। बता दें कि एक नयी रिपोर्ट में सामने आया है कि ट्रंप समर्थक कैपिटल हिल में हिंसा के लिए बंदूकों के अलावा एक ट्रक में 11 देसी बम और कुछ अन्य हथियार भी भरकर लाए थे। हालांकि नेशनल गार्ड के जल्दी आ जाने के चलते ये लोग इन बमों को लेकर कैपिटल बिल्डिंग में घुस नहीं पाए। उधर अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने भी अलर्ट जारी किया है कि प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन के 20 जनवरी को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले हिंसा हो सकती है।

बताते चलें कि निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भड़काऊ बयानों को जिम्मेदार माना जा रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद में सोमवार को उनके ख़िलाफ़ दो महाभियोग प्रस्ताव पेश किये हैं। इसमें ट्रंप पर विद्रोह को भड़काने का आरोप लगाया गया है और दावा किया गया है कि अमेरिकी संसद में हिंसा को ट्रंप ने भड़काया था। डेमोक्रेट बुधवार को अमेरिकी संसद में हमले और इसके अंदर ज़बरदस्ती घुसने वाले दंगाइयों को कथित रूप से उकसाने पर राष्ट्रपति के विरोध में महाभियोग या 25वें संशोधन के इस्तेमाल से उन्हें उनके पद से हटाना चाहते हैं।

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