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ट्विटर ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट से ब्लू टिक हटाया, मच सकता है हंगामा

ट्विटर ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट से ब्लू टिक हटाया, मच सकता है हंगामा
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नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के पर्सनल अकाउंट से ब्लू टिक हटाने और फिर बहाल करने के तुरंत बाद ट्विटर ने एक और बड़ा एक्शन लिया है। ट्विटर ने इस बार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया है और उसे अनवेरिफाइड कर दिया है। मोहन भागवत समेत अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार, सरकार्यवाह सुरेश जोशी, सह-सरकार्यवाह सुरेश सोनी और कृष्णगोपाल जी के ट्विटर हैंडल पर अब ब्लू बैज नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसकी वजह नहीं बताई है।

दरअसल, कुछ समय से नए आईटी नियमों को लेकर केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ट्विटर के बीच विवाद छिड़ा हुआ है। ऐसे में सबसे पहले ट्विटर ने भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के निजी ट्विटर हैंडल से वैरिफाइड ब्लू टिक वापस ले लिया तो बवाल मच गया। सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना होने लगी। हालांकि दो घंटों बाद ही उपराष्ट्रपति के ट्विटर अकाउंट को दोबारा वैरिफाई कर दिया गया।

मगर अब संघ प्रमुख के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाने पर हंगामा मच सकता है। अगर मोहन भागवत के ट्विटर हैंडल पर गौर करें तो यह अकाउंट 2019 में बना हुआ दिख रहा है। हालांकि, अभी इस अकाउंट पर एक भी ट्वीट नहीं दिख रहा है। मोहन भागवत सिर्फ आरएसएस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल को फॉलो करते हैं, जबकि उनके फॉलोअरों की लिस्ट में 2 लाख से अधिक लोग हैं। हालांकि, इस मसले पर ट्विटर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

ट्विटर के अनुसार, ट्विटर पर ब्लू वेरीफाइड बैज लोगों को यह बताता है कि किसी ऑथेंटिक अकाउंट पर पब्लिक का इंटरेस्ट है। बता दें ट्विटर ने हाल ही में अपनी ब्लू टिक वेरीफिकेशन प्रोसेस को दोबारा शुरू किया है और इसके साथ ही उसने पुराने हैंडल्स को क्रॉस-चेक करते हुए ब्लू बैज को हटाना शुरू किया है। इसी के तहत RSS के इन बड़े नेताओं के ट्विटर हैंडल पर अब ब्लू बैज नजर नहीं आ रहा है। वहीं, एम. वेंकैया नायडू को ब्लू टिक वापस करने के बाद अब उनके ट्विटर हैंडल पर ये ब्लू बैज फिर नजर आने लगा है।

ब्लू बैज प्राप्त करने के लिए, आपका खाता ऑथेंटिक, नोटेबल और सक्रिय होना चाहिए। ब्लू बैज का उद्देश्य वेरीफाइड करने के लिए ट्विटर के साथ एक अकाउंट की पहचान की पुष्टि करके प्लेटफॉर्म पर यूजर्स के बीच विश्वास को प्रोत्साहित करना और बनाए रखना है। ट्विटर के अनुसार, वेरीफिकेशन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें लोगों को सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए अकाउन्ट्स की ऑथेंटिसिटी के बारे में सूचित करके सार्वजनिक बातचीत की कमिटमेंट की जाती है।

किन स्थितियों में हटाया जाता है ब्लू बैज?

वेरीफाइड होने के लिए, एक अकाउंट नोटेबल, ऑथेंटिक और एक्टिव होना चाहिए। ट्विटर जिन 6 प्रकार के अकाउन्ट्स की पुष्टि करता है उनमें सरकारी कंपनियां, ब्रांड और गैर-लाभकारी संगठन, समाचार संगठन और पत्रकार, मनोरंजन, खेल और निर्यात, कार्यकर्ता, आयोजक और अन्य प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हैं।

ट्विटर कहता है कि यदि कोई अकाउंट अपना यूजर नेम (@handle) बदलता है या कोई अकाउंट इनएक्टिवेट या इनकम्पलीट हो जाता है या यदि अकाउंट का ऑनर अब नहीं है, तो वह किसी भी समय और बिना किसी सूचना के किसी भी ट्विटर खाते के ब्लू वेरीफाइड बैज और वेरीफाइड स्थिति को हटा सकता है।

ट्विटर उन अकाउन्ट्स से ब्लू वेरीफाइड बैज को भी हटा सकता है जो ट्विटर के नियमों का गंभीर या बार-बार उल्लंघन करते हुए पाए जाते हैं, जिसमें आपके प्रदर्शन नाम या जैव उल्लंघनों को बदलकर ट्विटर पर लोगों को जानबूझकर या जानबूझकर गुमराह करना शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप तत्काल अकाउंट सस्पेंड होता है। ट्वीट्स, जिनमें घृणित आचरण नीति, अपमानजनक व्यवहार, हिंसा नीति का महिमामंडन, नागरिक अखंडता नीति, निजी सूचना नीति, या प्लेटफ़ॉर्म हेरफेर और स्पैम नीति शामिल हैं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं हैं।


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