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पंचायत चुनाव में हुई कर्मचारियों की मौत को लेकर सख्त हुआ हाईकोर्ट,कोरोना के बढ़ते मामलों का लिया संज्ञान

पंचायत चुनाव में हुई कर्मचारियों की मौत को लेकर सख्त हुआ हाईकोर्ट,कोरोना के बढ़ते मामलों का लिया संज्ञान
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कोरोना ने पूरे देश में तबाही मचा रखी है इस बीच उत्तर प्रदेश में अभी पंचायत चुनाव पूरे हुए हैं.26 अप्रैल को पंचायत चुनाव के आखिरी चरण का मतदान था.इस पंचायत में चुनाव में बहुत से ऐसे शिक्षक,शिक्षा मित्र और अनुदेशक थे जिनकी ड्यूटी इस चुनाव में लगी थी. चुनाव ख़त्म होने के बाद प्रदेश में 100 से अधिक मकरचारियों की मौत हो गयी.इन मौतों को देखते हुए हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग व इसके 27 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा है कि बताएं कि पंचायत चुनाव के दौरान कोविड गाइडलाइंस का पालन करने में आयोग कैसे विफल रहा। कोर्ट ने कहा कि क्यों न उन्हें इसके लिए दंडित किया जाए।


हाईकोर्ट ने कोरोना के यूपी में बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार को निर्देश दिया है कि वह दिन में दो बार हेल्थ बुलेटिन जारी करे। यह बुलेटिन प्रदेश के बड़े सरकारी अस्पतालों के संबंध में जारी किया जाय जो लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, कानपुर नगर, गोरखपुर व झांसी में स्थित हैं। इससे लोगों को रोगियों के स्वास्थ्य की जानकारी मिल सकेगी। अस्पतालों को लार्ज स्क्रीन का प्रयोग करने को कहा गया है ताकि लोग रोगियों के बारे में जान सकें। कोर्ट ने कहा कि सरकार डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के मार्फत इस बात की जानकारी सुनिश्चित करे कि कितने बेड आईसीयू व कोविड वार्ड में सरकारी अथवा प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध हैं।

यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा व जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने कोरोना क्वारंटीन सेंटर को लेकर स्वत: संज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि केवल एंटीजन की निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर किसी रोगी को अस्पताल से छुट्टी नहीं दी जा सकती, क्योंकि रोगी अन्य कारणों से भी संक्रमित हो सकता है। उसे एक सप्ताह के लिए नान- कोविड वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है।

ऑक्सीजन न मिलने की बात पर कोर्ट ने कहा

कोर्ट ने कहा कि कि सभी सरकारी और कोविड का इलाज कर रहे प्राइवेट अस्पतालों में रेमडेसिविर का इन्जेक्शन व अन्य जरूरी दवाएं तथा ऑक्सिजन निर्बाध रूप से मिलते रहना चाहिए । कोर्ट ने कहा कि कि यह शर्म की बात है कि आजादी के सात दशक के बाद भी हम लोगों को ऑक्सिजन नहीं दे पा रहे हैं। डॉक्‍टर और अन्य मेडिकल स्टाफ की समुचित व्यवस्था करने का भी कोर्ट ने निर्देश दिया है।

न्यूज़ इनपुट:अमर उजाला और NBT

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