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भारतीय राजस्व सेवा के पूर्व अधिकारी संजय श्रीनेत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नये अध्यक्ष होंगे

भारतीय राजस्व सेवा के पूर्व अधिकारी संजय श्रीनेत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नये अध्यक्ष होंगे
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यह जानकारी आज यहां देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि संजय श्रीनेत ने एक कर्मठ और योग्य अधिकारी के तौर पर अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए गणतंत्र दिवस 2010 पर उन्हें राष्ट्रपति का प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

संजय श्रीनेत प्रवर्तन निदेशालय, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यु इंटेलिजेंस तथा ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग में भी कार्यरत रहे थे। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार से जुड़े आर्थिक अपराध के विभिन्न मामलों का प्रभावी अनुश्रवण करते हुए बड़ी संख्या में आर्थिक अपराधियों की सम्पत्ति के जब्तीकरण और अर्थ दंड वसूली की ठोस कार्यवाही करायी।मानव संसाधन विकास, क्षमता संवर्धन, टीम लीडरशिप आदि विषयों में संजय श्रीनेत की गहरी रुचि है।

यहाँ से पढ़े हैं श्रीनेत

संजय श्रीनेत ने अपनी शुरूआती पढ़ाई लखनऊ के काल्विन तालुकेदार कॉलेज से की है। इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय और जेएनयू से पढ़ाई की है। उन्होंने प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) से एमफिल किया है। आईआरएस में चयनित होने के बाद वह 2005 से 2009 तक प्रथम सचिव भारतीय उच्चायोग लंदन में कार्यरत थे। 2009 से 2014 तक डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस राजस्थान के प्रभारी रहे और 2015 से 2020 तक ईडी के नॉर्दन रीजन के विशेष निदेशक थे।

उन्हें राष्ट्रपति ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 2010 में गणतंत्र दिवस पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। उन्हें केंद्र सरकार के लिए अत्यधिक राजस्व संग्रह करने पर 1998 में सम्मान पत्र भी दिया गया था।

ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग में प्रथम सचिव (व्यापार) के पद पर नियुक्ति के दौरान श्रीनेत अनेक यूरोपीय देशों के प्रभारी रहे।

इस दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी के अर्थतंत्र का व्यापक भंडाफोड़ किया। वह आर्थिक भ्रष्टाचार, तस्करी और मनी लांड्रिंग से संबंधित कई मामलों में सख्त कार्रवाई करने से चर्चा में आए।

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