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मौसम विभाग ने मौसमी प्रभावों को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया

उत्तर प्रदेश के साथ साथ अब बिहार में भी मानसून रुठा-रुठा सा नजर आ रहा है। प्रदेश में मानसून की सक्रियता कम होते ही मूसलाधार वर्षा पर विराम लग गया है। प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट एवं हल्की वर्षा होने से इसका प्रभाव खेती-किसानी पर भी पड़ा है। प्रदेश में नमी युक्त पुरवा हवा के कारण उमस की स्थिति बनी हुई है। वहीं, बुधवार को पटना समेत प्रदेश के सभी जिलों के एक या दो स्थानों पर हल्की वर्षा का पूर्वानुमान है। इस दौरान मेघ गर्जन व वज्रपात की भी संभावना है। इन मौसमी प्रभावों को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानी के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मानसून की वर्षा थोड़ी बहुत होती रहेगी, लेकिन 30 जुलाई के बाद एक बार फिर से मानसून सक्रिय होगा और उसके बाद प्रदेश में अच्छी वर्षा की उम्मीद जताई जा रही है। अच्छी वर्षा नहीं होने की वजह से किसानों को काफी परेशानी हो रही है। धान की फसल की बोआई को लेकर भी परेशानी हो रही है।

जानकारों का मानना है कि मानसून की कम सक्रियता की वजह से धान की पैदावार पर असर पड़ सकता है। प्रदेश के वैशाली का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री ऊपर चढ़ने के साथ 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। किशनगंज जिले के तैबपुर में 50 मिमी वर्षा दर्ज -37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वैशाली का अधिकतम तापमान मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर अलर्ट -30 जुलाई प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के संकेत मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के सारण, समस्तीपुर, भोजपुर, दरभंगा, गोपालगंज, अरवल, जहानाबाद, कैमूर, गया, औरंगबाद, नवादा जिले के एक या दो स्थानों पर मध्यम स्तर की वर्षा का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी किया गया है। इन जगहों पर बुधवार को वर्षा के आसार है।