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एलोपैथी विवाद में अक्षय कुमार की एंट्री?, बाबा रामदेव ने शेयर किए वीडियो

एलोपैथी विवाद में अक्षय कुमार की एंट्री?, बाबा रामदेव ने शेयर किए वीडियो
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नई दिल्‍ली। एलोपैथी बनाम आयुर्वेद विवाद में अब अभिनेता अक्षय कुमार की एंट्री हो गई है। बेशक यह सीधी नहीं है, लेकिन मामले में वह भी पक्षकार जरूर बन गए हैं।

दरअसल, बाबा रामदेव ने अपनी बात के समर्थन में अभिनेता के दो वीडियो साझा किए हैं। इसमें अक्षय ने आयुर्वेद का खुलकर समर्थन किया है। उन्‍होंने कहा है कि पारंपरिक भारतीय चिकित्‍सा पद्धति में शरीर का कोई ऐसा मर्ज नहीं है जिसका इलाज न हो।

बाबा रामदेव और एलोपैथिक डॉक्‍टरों में तनातनी जारी है। इस बीच योग गुरु ने सोमवार को अक्षय कुमार के दो वीडियो साझा करते हुए ट्वीट क‍िया है। अक्षय के हवाले से उन्‍होंने लिखा, 'आप अपनी बॉडी के खुद ब्रांड एंबेसडर बनें, सिंपल और हेल्दी लाइफ जीएं, और दुनिया को दिखा दें कि हमारे हिंदुस्तानी योग व आयुर्वेद में जो ताकत है वह किसी अंग्रेज के केमिकल इंजेक्शन में नहीं है- अक्षय कुमार।'

वीडियो में अक्षय ने क्‍या कहा?

वीडियो में अक्षय कुमार ने कहा कि शरीर में कोई ऐसी बीमारी नहीं जिसका इलाज हमारी पारंपरिक भारतीय चिकित्‍सा पद्धति में न हो। देश में आयुष मंत्रालय है जो उपचार की वैकल्पिक व्‍यवस्‍था को बढ़ावा देता है। सालों पुराने हमारे ये इलाज के तरीके न केवल नेचुलर, बल्कि साइंटिक भी हैं। हर इलाज के पीछे पक्‍का लॉजिक है। लेकिन, दिया तले अंधेरा है। बेस्‍ट इलाज देश में है, लेकिन हम उसे तलाशने बाहर जाते हैं।


अक्षय ने बताया कि हाल में उन्‍होंने एक आयुर्वेदिक आश्रम में कुछ दिन बिताए। इस आश्रम में वह अकेले हिंदुस्‍तानी थे। बाकी सभी विदेशी थे। जब विदेशी हमारे देश में ठीक हो सकते हैं तो भला हम क्‍यों नहीं? उन्‍होंने लोगों से यह भी अपील की कि वे यह नहीं सोचें कि ये बातें वह किसी आयुर्वेद‍िक सेंटर का ब्रांड एंबेसडर बनकर कह रहे हैं। उन्‍होंने कहा, 'मैं ये चीजें अपनी खुद की बॉडी का ब्रांड एंबेसडर बनकर कह रहा हूं।'

उन्‍होंने लोगों से अपील की कि वे भी अपनी बॉडी ब्रांड एंबेसडर बनें। सिंपल और हेल्दी लाइफ जीएं। दुनिया को दिखाएं कि हमारे हिंदुस्तानी योग व आयुर्वेद में जो ताकत है वह कहीं नहीं है।



अक्षय कुमार ने कहा कि हम भारतीय कब अपनी चीजों की कीमत समझेंगे। विदेशी यहां आकर इलाज करा रहे हैं। हम उनके पीछे भाग रहे हैं। 'मुझे एलोपैथिक इलाज और दवाओं से कोई प्रॉब्‍लम नहीं है। वे अपनी जगह बहुत अच्‍छी हैं। लेकिन, हम इलाज के अपने ट्रेडिशनल तरीकों को क्‍यों भूले हैं।'

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