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17 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंची जीडीपी ग्रोथ, 4.2 फीसदी पर थमी

विनिर्माण और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र के लगातार खराब प्रदर्शन के कारण पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में विकास दर घटकर 3.1 फीसदी और पूरे वित्त वर्ष के दौरान 4.2 फीसदी रह गई जो 17 साल का इसका निचला स्तर है।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा आज जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2019-2020 में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 145.66 लाख करोड़ रुपये रहा जो 2018-19 के 139.81 लाख करोड़ रुपये से 4.2 प्रतिशत अधिक है। यह वित्त वर्ष 2002-03 (3.84 प्रतिशत) के बाद का निचला स्तर है। इससे पहले 2018-19 में विकास दर 6.1 प्रतिशत रही थी।

गत वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी 38.04 लाख करोड़ रुपये रहा जो 2018-19 की अंतिम तिमाही के 36.90 लाख करोड़ रुपये से 3.1 प्रतिशत अधिक है। यह 2002-03 की तीसरी तिमाही (1.66 प्रतिशत) के बाद का निचला स्तर है। वर्ष 2018-19 की अंतिम तिमाही में विकास दर 5.7 प्रतिशत रहा था।

पिछले वित्त वर्ष प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय में 6.1 प्रतिशत बढक़र एक लाख 50 हजार 25 रुपये और प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय 6.1 प्रतिशत बढक़र एक लाख 34 हजार 226 रुपये हो गयी।

वित्त वर्ष 2018-19 में इनमें क्रमश: 9.9 प्रतिशत और 9.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के कारण चौथी तिमाही के पूरे आंकड़े एकत्र नहीं किये जा सके हैं। फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों के आधाार पर रिपोर्ट तैयार की गयी है और बाद में पूरे वित्त वर्ष तथा चौथी तिमाही के आँकड़ों में संशोधन किया जायेगा।

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