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मिर्जापुर : एलोवेरा की खेती से खुशहाल होंगे विंध्य क्षेत्र के किसान

मिर्जापुर : एलोवेरा की खेती से खुशहाल होंगे विंध्य क्षेत्र के किसान
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उद्यान विभाग की ओर से संचालित औषधि पौधा मिशन निभा रहा कारगर भूमिका


मीरजापुर। वह दिन अब दूर नहीं जब विध्य क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों द्वारा उगाए गए एलोवेरा से तैयार होने वाले उत्पाद से लोगों का चेहरा निखरेगा। वहीं एलोवेरा का जूस व लड्डू गठिया रोगियों के लिए लाभकारी होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि कम पानी वाले खेती से जल सरंक्षण को बढ़ावा तो मिलता ही है साथ ही एक हेक्टेयर में एलोवेरा की खेती पर लगभग 96 हजार का खर्च आता है, उसमें भी 30 फीसद यानी लगभग 18 हजार अनुदान विभाग की ओर से दिया जाता है।

जहां सरकार किसानों की आय दोगुना करने का प्रयास कर रही है, वहीं उद्यान विभाग की ओर से संचालित औषधि पौधा मिशन कारगर भूमिका निभा रहा है। योजना के तहत किसानों को परंपरागत खेती के साथ ही औषधीय खेती के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत नरायनपुर ब्लाक में शोभनाथ मौर्य और छानबे के नीबी गहरवार गांव में आरती सिंह ने एलोवेरा की खेती शुरू की है। इसके लिए किसानों को सरकार अनुदान भी दे रही है।

योजना प्रभारी पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि एक हेक्टेयर में एलोवेरा की खेती करने पर किसानों को तीन लाख की आमदनी होती है। एक बार फसल लगाने पर यह लगभग तीन वर्ष तक अनवरत चलती है। पहली फसल लगभग 15 माह बाद काटी जाती है।

जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने कहा कि किसानों को एलोवेरा जैसे औषधीय पौधों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभाग द्वारा किसानों को 30 फीसद अनुदान दिया जा रहा है।

एलोवेरा के लाभ

त्वचा की कई समस्याओं के लिए एलोवेरा बहुत अच्छा और प्राकृतिक उपाय है। त्वचा की कई समस्याओं के समाधान के साथ ही त्वचा को पोषित करने का भी काम करता है। बालों और त्वचा की खूबसूरती निखारने का सस्ता और बेहतरीन तरीका है। त्वचा को नेचुरली मॉइश्चराइड्टा करने के साथ ही यह बालों को सिल्की और शाइनी बनाता है।

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