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देश में कपास की पैदावार में गिरावट, 70 लाख गांठ कपास निर्यात की सम्भावना

देश में कपास की पैदावार में गिरावट, 70 लाख गांठ कपास निर्यात की सम्भावना
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देश में चालू कपास सीज़न के दौरान विभिन्न कपास पैदावार राज्यों में अब तक लगभग 57 लाख गांठों के मंडियों में पहुंचने की सूचना है। सूत्रों के अनुसार देशभर में हर रोज कपास की आमद लगभग 1.70-1.80 लाख गांठों की हो रही हैं। इसमें मुख्य रूप से भारतीय कपास निगम लिमिटेड (सी.सी.आई.) न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद रही हैं।

सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को देश में 1.70,000 गांठ कपास मंडियों में पहुंची है। देश में सबसे अधिक आमद महाराष्ट्र में चल रही हैं वहां लगभग 50,000 गांठ मंडियों में आ रही हैं जबकि पंजाब में 7000, हरियाणा 17,000, अपर राजस्थान 12000, लोअर राजस्थान 3500, गुजरात 28,000, महाराष्ट्र 50,000, मध्य प्रदेश 12,000, कर्नाटक 8000 , तेलंगाना 20,000, आंध्र प्रदेश 12,000 और ओडिशा में 500 गांठ कपास पहुंची है।

कपास कारोबारियों के अनुसार देश में कपास की बम्पर आमद के बावजूद भी रुई बाजार में गत तीन हफ्तों में 200-230 रूपए प्रति मन का उछाल आ चुका हैं। भारतीय रुई व्यापार जगत में रुई भाव में 300 रुपए प्रति मन भाव बढ़ने को मोटी तेजी माना जाता है। कताई मिलों की मांग को देखते हुए उन्हें बड़ी उम्मीद है कि जल्द ही आगामी दिनों में रुई बाजार में 300 रूपए प्रति मन से अधिक की तेजी आ सकती हैं। गत कई हफ्तों से कताई मिलों ने दिल खोलकर रुई की खरीद की है जिससे लगता है कि अब रुई भाव में मंदी आने के सम्भावना कम है।

काटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में इस वर्ष साल देश में गत वर्ष की तुलना में 356 लाख गांठों की पैदावार होने की बात कही है जो गत वर्ष से चार लाख गांठ कम है। लेकिन देशभर से कपास पैदावार को लेकर प्राप्त सूचनाओं के अनुसार इस बार इसमें 350 लाख गांठों की गिरावट आ सकती हैं।

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