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बाढ़ परियोजनाओं के कार्य में उदासीनता पाये जाने पर होगी कठोर कार्रवाई : जलशक्ति मंत्री

बाढ़ परियोजनाओं के कार्य में उदासीनता पाये जाने पर होगी कठोर कार्रवाई : जलशक्ति मंत्री
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुये कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए कराये जा रहे निर्माण कार्यों में मानक के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुये उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।

महेन्द्र सिंह मंगलवार को जनपद हरदोई के राजघाट/कटरी बिछुईया एवं ग्राम मानीमऊ में बाढ़ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने वर्षा काल से पहले बाढ़ से सम्बन्धित सुरक्षा परियोजनाओं को 31 मई 2021 तक प्रत्येक दशा में पूरा करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही बरसात के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में जलप्लावन की समस्या को दूर करने के लिए सभी नालों की सफाई आगामी 31 मई तक किए जाने की हिदायत दी।



उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि आंशिक कोरोना कफ्र्यू के बावजूद भी बाढ़ से बचाव सम्बंधी परियोजनाओं को हरहाल में तय समय सीमा से पूरा किया जाना है। इसके साथ ही ठेकेदारों को भी सचेत किया कि महामारी की आड़ में यदि किसी ठेकेदार के कार्य में गुणवत्ता अधोमानक पायी जाती है, तो उनका भुगतान रोक दिया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए कार्य स्थल पर कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन कड़ाई सुनिश्चित किया जाए तथा श्रमिकों को मास्क, सेनेटाइजर आदि उपलब्ध कराते हुए उनके प्रयोग के निर्देश दिए जाएं।

जल शक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा के दौरान जलप्लावन की समस्या के निराकरण करने के उद्देश्य से समस्त ड्रेनों, नालों की सफाई कराये जाने का अभियान भी प्रारम्भ किया गया है।इस सफाई कार्यक्रम में उन पर निर्मित क्षतिग्रस्त पुल, पुलियों के जीर्णोद्धार भी कराया जायेगा। विभाग के अन्तर्गत कुल 10787 नाले हैं, जिनकी कुल लम्बाई 60205 किमी है। उन्होंने कहा कि इनमें से वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2751 नालों की 13300 किमी लम्बाई, वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2481 नालो की 12073 किमी लम्बाई में सफाई कराई गयी। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4811 नालों की 23944 किमी लम्बाई में सफाई करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि नालों पर सफाई के कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि जलप्लावन से मुक्त हो सकेगी जिससे कृषकों की फसलों की क्षति को रोका जा सकेगा।

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