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इंसेफेलाइटिस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार करे कार्य योजना : योगी आदित्यनाथ

इंसेफेलाइटिस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार करे कार्य योजना : योगी आदित्यनाथ
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू हो रहा है। इस मौसम में इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ता है। इसके मद्देनजर इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार कर ली जाए। पूर्व के वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा बेहतर और प्रभावी सर्विलांस से इंसेफेलाइटिस के संक्रमण को रोकने में सफलता प्राप्त की है। इससे सम्बन्धित सभी विभाग यथा ग्राम्य विकास, नगर विकास, बाल विकास एवं पुष्टाहार आदि सक्रिय होकर कार्यवाही प्रारम्भ कर दें।


मुख्यमंत्री ने आज यहाँ एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक में कहा कि राज्य सरकार की 'ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट' की नीति से प्रदेश में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में प्रभावी सफलता मिल रही है। कोविड संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में कमी तथा रिकवरी दर में लगातार वृद्धि हो रही है। कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन तथा मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण के कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।

प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 709 मामले प्रकाश में आए हैं। इसी अवधि में 1,706 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 12,959 है। राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में यह दर बढ़कर 98 प्रतिशत हो गई है। मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि पिछले 24 घण्टों में 2,89,809 कोविड टेस्ट किए गए हैं। प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 21 लाख से अधिक कोरोना टेस्ट किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए निरन्तर सजग और सावधान रहना आवश्यक है। इसलिए कोरोना टेस्ट की संख्या में कमी नहीं होनी चाहिए। प्रतिदिन लगभग 03 लाख कोविड टेस्ट किए जाएं। कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। संक्रमण के प्रत्येक मामले में कम से कम 12 से 15 कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाए। कण्टेनमेण्ट जोन के सम्बन्ध में स्थानीय स्तर पर स्थिति की समीक्षा करते हुए व्यावहारिक व्यवस्था लागू की जाए।

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