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UP में कोरोना की रिकवरी दर बढ़कर 97.6 प्रतिशत, संक्रमितों की संख्या में आई कमी

UP में कोरोना की रिकवरी दर बढ़कर 97.6 प्रतिशत, संक्रमितों की संख्या में आई कमी
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश में कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरन्तर प्रभावी बनाये रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की 'ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट' की नीति कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में अत्यन्त उपयोगी सिद्ध हो रही है। इससे राज्य में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में कमी एवं रिकवरी दर में लगातार वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री शनिवार को एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 1,092 मामले प्रकाश में आए हैं। इसी अवधि में 4,346 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 19,438 है। प्रदेश में 30 अप्रैल, 2021 को संक्रमण के अब तक के सर्वाधिक एक्टिव मामलों की संख्या 3,10,783 थी। इस प्रकार विगत 30 अप्रैल के सापेक्ष एक्टिव मामलों की संख्या में 2,91,345 की कमी आयी है। यह कमी लगभग 94 प्रतिशत की है।

मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में यह दर बढ़कर 97.6 प्रतिशत हो गई है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में भी निरंतर कमी देखी जा रही है। राज्य में पिछले 24 घण्टों में 3,09,017 कोविड टेस्ट किये गये हैं। अब तक 05 करोड़ 10 लाख 32 हजार 967 कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनपद बरेली एवं बुलंदशहर में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 600 से कम हो गई है। कल 06 जून को रविवार होने के कारण पूरे प्रदेश में साप्ताहिक बंदी की व्यवस्था लागू रहेगी। इसलिए सोमवार 07 जून से दोनों जनपदों में भी सप्ताह के 05 दिन सुबह 07 बजे से शाम 07 बजे तक आंशिक कोरोना कफ्र्यू में छूट दी जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ट्रेस, टेस्ट एंड ट्रीट' पॉलिसी को प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए। प्रदेशवासियों की कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए निगरानी समितियों द्वारा स्क्रीनिंग के पश्चात लक्षण युक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित रहे। किसी भी लक्षण युक्त अथवा संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति तक निगरानी समिति की पहुँच सबसे पहले होती है। इसलिए निगरानी समितियों के पास पर्याप्त संख्या में मेडिसिन किट उपलब्ध रहें।

योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों को आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मरीजों के इलाज के लिए भारत सरकार द्वारा सुलभ कराई गई दवाओं के अतिरिक्त, विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार वैकल्पिक दवाओं की भी शीघ्र व्यवस्था कर मरीजों को उपलब्ध करायी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ब्लैक फंगस के संक्रमण के उपचार के लिए सभी जनपदों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रहे। ब्लैक फंगस के संक्रमण के संबंध में मीडिया के माध्यम से आमजन को जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेलीकंसल्टेशन को व्यापक रूप से बढ़ावा दिए जाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। सभी मेडिकल कॉलेजों एवं सरकारी अस्पतालों में टेलीकंसल्टेशन व्यवस्था की जाए। अन्य चिकित्सकों को भी इस व्यवस्था के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि टेलीकंसल्टेशन की व्यापक एवं कारगर व्यवस्था तैयार हो जाने से बड़ी संख्या में मरीजों को घर पर ही बेहतर चिकित्सा परामर्श उपलब्ध हो जाएगा और गंभीर मरीजों को अस्पतालों में बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों को टेलीकंसल्टेशन की व्यवस्था को अपनाने के लिए जागरूक और प्रेरित करते हुए यह भी बताया जाए कि वर्तमान परिस्थितियों में गम्भीर रोगों के उपचार के लिए ही अस्पताल की ओपीडी में आएं। यह व्यवस्था कोरोना संक्रमण की रोकथाम में भी सहायक होगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग सभी चिकित्सकों को कार्यालय प्रबंधन कार्य की जिम्मेदारी से मुक्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को चिकित्सा कार्य में ही लगाया जाए। इसके लिए उनकी तैनाती फील्ड में की जाए, जिससे प्रदेशवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं तथा चिकित्सकों की प्रतिभा और योग्यता का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि कार्यालय प्रबंधन के कार्य में प्रबंधन विशेषज्ञों को लगाया जाए। एंबुलेंस सेवाओं को और बेहतर तथा प्रभावी बनाया जाए। इस्तेमाल के योग्य न रह गई एंबुलेंस को रिप्लेस किया जाए। यह कार्य पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए।



मुख्यमंत्री ने कहा कि माह जून एवं जुलाई में उपलब्ध होने वाली वैक्सीन की संख्या का आकलन करते हुए वैक्सीनेशन की तैयारी कर ली जाए। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वैक्सीनेशन सेंटर की स्थापना कराई जाए। अधिक से अधिक प्रदेशवासियों का वैक्सीनेशन शीघ्र कराया जा सके, इसके दृष्टिगत पर्याप्त संख्या में वैक्सीनेटर्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस कार्य में नर्सिंग के विद्यार्थियों की सेवाएं प्राप्त करने के लिए उनकी ट्रेनिंग कराई जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि अगले सप्ताह वैक्सीनेटर्स की ट्रेनिंग का कार्यक्रम रखा गया है। माह जून, 2021 में 01 करोड़ वैक्सीन एडमिनिस्टर किए जाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि माह जुलाई, 2021 में इसे 03 गुना विस्तारित किए जाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्यवाही की जाए। वैक्सीनेशन में लगाए जाने वाले कर्मियों को वैक्सीन का वेस्टेज न्यूनतम रखने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित और सुचारु ढंग से संपन्न करायी जाए। वैक्सीनेशन सेंटर पर अनावश्यक भीड़-भाड़ न हो। वैक्सीनेशन के लिए आने वाले लोगों को किसी भी दशा में लाइन न लगानी पड़े। वैक्सीनेशन सेंटर पर वेटिंग एरिया तथा ऑब्जरवेशन एरिया की अवश्य व्यवस्था की जाए। उन लोगों को ही वैक्सीनेशन सेंटर पर बुलाया जाए, जिनका वैक्सीनेशन किया जाना है। वैक्सीनेशन सेंटर पर कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि आगामी सोमवार 07 जून से महिला स्पेशल वैक्सीनेशन बूथ प्रारंभ किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जनपदों में आंशिक कोरोना कफ्र्यू लागू है, वहां इसका प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए। जिन जनपदों में आंशिक कोरोना कफ्र्यू में छूट दी गई है, वहां छूट की अवधि में कोरोना गाइडलाइंस का पूर्णतया पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि घर से बाहर निकलने वाले लोग मास्क का इस्तेमाल और दो-गज की दूरी का पालन करें। छूट की अवधि में बाजारों, सब्जी, फल मंडी आदि स्थलों पर अनावश्यक भीड़-भाड़ न होने दी जाए। पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। साथ ही, बाजारों, मंडियों आदि स्थलों में व्यापक रूप से फुट पेट्रोलिंग भी की जाए। चैराहों आदि स्थलों पर भीड़ एकत्र न होने पाए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे निराश्रित बच्चों, जिनके माता-पिता अथवा विधिक अभिभावक का निधन कोरोना संक्रमण के कारण हो गया है, उनके पालन पोषण व शिक्षा-दीक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत अनेक कल्याणकारी प्राविधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाए। सभी पात्र बच्चों को योजना का लाभ सुलभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से अधिक आयु के किशोर विद्यार्थी, जिनके माता-पिता अथवा इनमें से किसी का निधन कोरोना से हो गया है, ऐसी व्यवस्था की जाए कि ऐसे किशोरों की शिक्षा आर्थिक कारणों से बाधित न हो। ऐसे विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत टैबलेट/लैपटॉप दिए जाने पर विचार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए। साप्ताहिक बंदी के दौरान शनिवार और रविवार को प्रदेश के सभी क्षेत्रों में अभियान चलाकर व्यापक रूप से स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फाॅगिंग की कार्यवाही की जाए। वर्षा काल में फैलने वाली विभिन्न वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम में यह कार्रवाई अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। बरसात के दृष्टिगत निराश्रित गो आश्रय स्थलों का व्यवस्थित ढंग से संचालन कराया जाए। गोआश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए भूसे की कमी न हो। भूसे के साथ चोकर एवं हरे चारे की व्यवस्था भी की जाए। बारिश में पशुओं में होने वाली बीमारियों के दृष्टिगत पूरी सावधानी बरती जाए तथा उपचार की भी व्यवस्था कर ली जाए।

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