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बिहार चुनाव में महागठबंधन का घोषणा पत्र जारी, 10 लाख नौकरी सहित जानिए क्या-क्या किए वादे

बिहार चुनाव में महागठबंधन का घोषणा पत्र जारी, 10 लाख नौकरी सहित जानिए क्या-क्या किए वादे
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पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने नवरात्र के पहले दिन अपना घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) जारी किया। इस मौके पर आरजेडी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के अलावा गठबंधन के घटक दलों के सभी प्रमुख नेता मौजूद रहे। आरजेडी के साथ-साथ कांग्रेस और वाम दलों में सरकार गठन के बाद बिहार के लिए जो प्राथमिकताएं तय की है उसका जिक्र इस घोषणा पत्र में किया गया है।

घोषणा पत्र जारी करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि आज शुभ दिन है, नवरात्र की शुरुआत है, कलश की स्थापना की गई है। कलश स्थापना के दिन संकल्प लिया जाता है। हम प्रण हमारा, संकल्प बदलाव का जारी कर रहे हैं।

पटना के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत वाम दलों के प्रमुख नेताओं के साथ साझा घोषणा पत्र को जारी किया गया। तेजस्वी ने कहा कि पहली कैबिनेट में ही दस लाख युवाओं को नौकरी दी जाएगी। और फीस माफी की भी घोषणा होगी।

इस मौके पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह चुनाव नई आस्था बनाम हिंदू-मुसलमान के लिए है। नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी ने बिहार की पीठ में वार किया है। बिहार सबकुछ स्वीकार कर सकता है लेकिन धोखा नहीं।

महागठबंधन के संकल्प पत्र की मुख्य बातें

1. सत्ता में आते ही 10 लाख स्थाई नौकरियां देंगे। यह फैसला बनने वाली सरकार की पहली ही बैठक में लिया जाएगा।

2. सरकारी नौकरी में बहाली के लिए छात्र-छात्राओं से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

3.राज्य में कर्पूरी श्रमवीर सहायता केंद्र बनेंगे। जहां किसी भी आपदा के वक्त प्रवासी व उनके परिवार को बिहार सरकार से मदद मिल सकेगी।

4. मनरेगा के तहत प्रति परिवार के बजाय प्रति व्यक्ति को काम का प्रावधान, न्यूनतम वेतन की गारंटी एंव कार्य दिवस को 100 से 200 दिन किया जाएगा। मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार योजना भी बनाया जाएगा।

5. संविदा प्रथा को समाप्त कर नियोजित शिक्षकों को स्थाई कर समान काम समान वेतन की नीति पर अमल किया जाएगा। सभी विभाग में निजीकरण खत्म किया जाएगा। साथ ही स्थाई और नियमित नौकरी की व्यवस्था की जाएगी।

6. राज्य में वर्ष 2005 से लागू नई अंशदायी पेंशन योजना को बंद कर पूर्व की भांति पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी।

7. कार्यपालक सहायक, सांख्यकी स्वयंसेवक, लाइब्रेरियन, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं, आशाकर्मियों, मध्याह्न भोजन रसोई वर्करों, ग्रामीण, चिकत्सकों, जीविका दीदियों के अधिकारों में विस्तार। इसकी शुरुआत आशा वर्करों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं, रसाईकर्मियों के मौजूदा मानदेय को दोगुना करके और जीविका दीदियों को नियमित वेतन/नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी।

8. जीविका स्वंय समहायता समूह के कैडर को स्थाई किया जाएगा। जीविका कैडर के मौजूदा दर के मानदेय को दोगुना किया जाएगा। सारे कैडर का कम से कम 4000 रुपये महीने का मानदेय दिया जाएगा।

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