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कोरोना महामारी में भारतीय वायु सेना ने संभाली कमान,कर रहा ऑक्सीजन को एयरलिफ्ट

कोरोना महामारी में भारतीय वायु सेना ने संभाली कमान,कर रहा ऑक्सीजन को एयरलिफ्ट
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कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने कोहराम पैदा कर दिया है. ऑक्सीजन के लिए मची हायतौबा के बीच अब सेना ने मोर्चा संभाल लिया है.देश में कोविड-19 की गंभीर स्थिति के बीच, देश के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए चार क्रायोजेनिक (कम तापमान बनाए रखने में सक्षम) टैंकर सिंगापुर से विमान से शनिवार शाम करीब 4.30 बजे आ गए हैं।

भारत कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहा है और कई राज्य कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या के बीच चिकित्सीय ऑक्सीजन और बिस्तरों की कमी से जूझ रहे हैं। शुक्रवार से, भारतीय वायुसेना कोविड-19 रोगियों के इलाज में अति-आवश्यक चिकित्सीय ऑक्सीजन के वितरण को गति देने के लिए खाली ऑक्सीजन टैंकर और कंटेनर हवाई मार्ग से देशभर के विभिन्न फिलिंग स्टेशनों तक पहुंचा रही है।

शनिवार को ही भारतीय वायुसेना का एक और सी-17 विमान हिंडन एयर बेस से सुबह 8 बजे पुणे एयरबेस के लिए रवाना हुआ और 2 खाली क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर ट्रकों को जामनगर एयरबेस के लिए पहुंचा. वहां से सी-17 विमान फिलहाल पुणे से जामनगर तक अपने दूसरे दौर की उड़ान पर है, जिसमें 2 और खाली कंटेनर हैं. इससे पहले एक अन्य सी-17 विमान ने आज दिन में दो खाली कंटेनर जोधपुर से जामनगर पहुंचाए थे.

IAF ने संभाली कमान

भारतीय वायुसेना के एक चिनूक हेलीकॉप्टर और एक एन-32 सैन्य विमान ने कोविड टेस्टिंग उपकरण जम्मू से लेह और जम्मू से करगिल तक पहुंचा. उपकरणों में बायो सेफ्टी कैबिनेट, सेंट्रीफ्यूज और स्टेबलाइजर्स शामिल थे. इन मशीनों को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा बनाया गया है और अब जांच क्षमता को बढ़ाने के लिए इन्हें केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को दिया गया है.

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में केंद्र ने भी मोर्चा संभाला लिया है. रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय और गृह मंत्रालय दिन रात काम में जुट गए हैं. गृह मंत्रालय ने सिंगापुर के बाद संयुक्त अरब अमीरात से उच्च क्षमता वाले ऑक्सीजन टैंकर्स के आयात के लिए बातचीत की. गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना के हालात की समीक्षा के बाद ये कदम उठाया.

भारतीय वायु सेना का एक विमान टैंकर लाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात भी रवाना किया जाएगा. इसके अलावा जर्मनी से भी 23 मोबाइल ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स एयरलिफ्ट किए जाएंगे.

नौसेना भी नहीं है पीछे

नौसेना भी देश के दूरदराज के इलाकों में ऑक्सीजन सप्लाई में अहम भूमिका निभा रही है. शुक्रवार को नौसेना की दक्षिणी कमान ने कोच्चि से पूरा एक जहाज, आईएनएस शारदा को ऑक्सीजन-एक्सप्रेस के तौर पर लक्षद्वीप और मिनिकोय आईलैंड भेजा.

शनिवार को रक्षा मंत्री ने देशभर में कोविड से लड़ने के में सेना और रक्षा संस्थानों की कोशिशों को लेकर एक समीक्षा बैठक की. इस बैठक में जानकारी दी गई कि राजधानी दिल्ली स्थित डीआऱडीओ कोविड हॉस्पिटल में अब 250 अतिरिक्त बेड की सुविधा बढ़ा दी गई है. यानि अब यहां कुल 500 बेड हो गए हैं.

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