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बंगाल हिंसा के विरोध में भाजपा का 5 मई को देश भर में धरना

बंगाल हिंसा के विरोध में भाजपा का 5 मई को देश भर में धरना
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लखनऊ। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद भी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच टकराव जारी है। नतीजों के बाद हुई हिंसा के विरोध में भाजपा ने पांच मई को देश भर में धरना देने का ऐलान किया है। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए प्रत्येक मंडल पर अधिकतम 20 भाजपा कार्यकर्ता शामिल होंगे।


भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, विदेश राज्यमंत्री मुरलीधरन और भूपेन्द्र यादव ने आज पश्चिम बंगाल जाकर हिंसा के शिकार परिवारों से मुलाकात की। भाजपा बुधवार को देशव्यापी स्तर पर धरना आयोजित करेगी।


वहीं, मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा), कांग्रेस पार्टी और राज्य में नवगठित इंडियन सेक्यूलर फ्रंट ने कड़ी निंदा की है। वहीं, हिंसा की इन घटनाओं पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। भाजपा के साथ ही इन पार्टियों के नेताओं ने हिंसा के लिए निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के अन्य नेताओं को कटघरे में खड़ा किया है।

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी राज्य में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता विजय मनाने के सिलसिले में जघन्य हिंसा पर उतारु हैं। यह निंदनीय है। इन हिंसक कार्यवाहियों का विरोध और प्रतिकार किया जाना चाहिए।

येचुरी ने राज्य माकपा की ओर से पोस्ट किए गए चित्रों के साथ एक ट्वीट में कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी ने कोरोना महामारी से लड़ने की बजाय हिंसा का तांडव कर रही है। माकपा महासचिव ने कहा कि उनकी पार्टी लोगों का सुरक्षा और उनकी सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य सुभाषिनी अली ने एक विधानसभा चुनाव में भारी विजय हासिल करने के बाद तृणमूल कांग्रेस विपक्षी दलों के खिलाफ हिंसा पर उतारु है। उन्होंने कहा कि पार्टी की महिला शाखा ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमंस एसोसिएशन की कार्यकर्ता कामरेड काकोली छेत्रपाल की वर्धमान जिले के जमालपुर में उनके घर पर नृशंस हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से उन्हें किसी इंसाफ की उम्मीद नही है।

तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ की जा रही हिंसा पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने कोई टिप्पणी नही की है। लेकिन, पार्टी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों शशि थरूर और जितिन प्रसाद ने हिंसक घटनाओं की निंदा की है।

जितिन प्रसाद ने एक ट्वीट के जरिए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य के लोगों ने ममता बनर्जी को अराजकता के लिए वोट नहीं दिया है।

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