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तेजस के आगे फेल है चीन-पाक के थंडरबर्ड


नई दिल्ली। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस चीन-पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित थंडरबर्ड विमान से कई गुना ज्यादा दमदार है। तेजस चौथी पीढ़ी का विमान है, जिसे 3 साल पहले भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। गुरूवार को देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने तेजस विमान में उड़ान भरी, वह करीब आधे घंटे तक विमान में रहे।

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स्वदेशी लड़ाकू विमान की खूबियां ही इसे काफी खतरनाक बनाती हैं। तेजस हवा से हवा में और हवा से जमीन पर मिसाइल दाग सकता है। इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं। तेजस 42 प्रतिशत कार्बन फाइबर, 43 प्रतिशत एल्यूमिनियम एलॉय और टाइटेनियम से बनाया गया है। यह सिंगल सीटर पायलट वाला विमान है, लेकिन इसका ट्रेनर वेरिएंट 2 सीटर है। यह अब तक करीब 3,500 बार उड़ान भर चुका है। यह एक बार में 54 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।

तेजस में अपनी सफल उड़ान के बाद रक्षा मंत्री ने कहा कि तेजस स्वदेशी विमान है, इसमें उड़ान भरना उनके लिए गर्व की बात है। उन्हांने बताया कि मैंने तेजस को इसलिए चुना, क्योंकि ये देसी विमान है। मैं चाहता था कि देसी विमान में उड़ान भरूं। भारत की जनता को अपनी वायुसेना, थल सेना और नेवी पर गर्व है और पूरा विश्वास भी है।

श्री सिंह ने कहा, ‘आज तेजस में बैठने का अवसर मिला, मैं जब उड़ान भर रहा था तो पायलट से बात कर रहा था और विमान के बारे में जानकारी भी ले रहा था।’ रक्षा मंत्री ने कहा कि तेजस पूरी तरह से भारत में बना है और दुनिया के दूसरे देश भी इसे मांग रहे हैं। तेजस को एक्सपोर्ट करने का सिलसिला भी अब भारत ने शुरू कर दिया है।

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