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देश के 122 जिलों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार, श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा महंगा

देश के 122 जिलों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार, श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा महंगा
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नई दिल्ली। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से मई के महीने में 15 बार पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी करने के बाद देश के 122 जिलों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई है। आज की बढ़ोतरी के बाद राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पेट्रोल की कीमत 105 रुपये के करीब पहुंच गई है। यहां आज पेट्रोल 104.94 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर बिक रहा है।

ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमत में हुई बढ़ोतरी के कारण मध्यप्रदेश के 52, राजस्थान के 33, महाराष्ट्र के 30 और आंध्र प्रदेश के 7 जिलों में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 100 रुपये के स्तर को पार कर गई है। देश के कुल 726 जिलों में से 122 जिलों में पेट्रोल 100 रुपये से ऊंचे भाव पर बिक रहा है।

देश में सबसे पहले राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पेट्रोल की कीमत ने फरवरी के महीने में ही 100 रुपये के स्तर को पार किया था। मार्च और अप्रैल के महीने में कीमत बढ़ोतरी से राहत मिलने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में लगातार जारी बढ़ोतरी के कारण अब धीरे धीरे चार राज्यों के 122 जिलों में पेट्रोल की कीमत बढ़कर तीन अंको में पहुंच गई है।

जानकारों के मुताबिक फिलहाल देश में पेट्रोल की मूल कीमत (बेस प्राइस) 34.28 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा इस पर केंद्र सरकार का टैक्स करीब 33 रुपये है। इसके अलावा पेट्रोल की कीमत में डीलर का कमीशन, पेट्रोल की ढुलाई और राज्य का टैक्स (वैट) शामिल होता है। पेट्रोल की कुल कीमत में उसकी मूल कीमत, केंद्र का टैक्स और डीलर का कमीशन पूरे देश में एक समान होता है। पेट्रोल की ढुलाई यानी किराए में अलग-अलग राज्य में दूरी के हिसाब से कुछ अंतर होता है। लेकिन मुख्य अंतर राज्य के टैक्स यानी वैट की दर का होता है।

देश में अभी पेट्रोल और डीजल पर वैट की सबसे अधिक दर राजस्थान में है। यहां पेट्रोल पर 38 फीसदी वैट की वसूली की जाती है, जबकि डीजल पर वैट की दर 28 फीसदी है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिक दूरी से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति किए जाने की वजह से पेट्रोल और डीजल की ढुलाई की दर भी काफी अधिक है। यही कारण है कि श्रीगंगानगर में आज देश भर में सबसे अधिक कीमत 104.94 रुपये प्रति लीटर के भाव पर पेट्रोल की बिक्री हो रही है। इसी तरह वैट के भारी भरकम बोझ की वजह से ही श्रीगंगानगर में डीजल भी 97.79 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बिक रहा है।

इंडियन ऑयल कारपोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक 2021 में अभी तक 41 बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी किए जाने के कारण 5 महीने से भी कम समय में यानी इस साल के 149 दिन में ही पेट्रोल की कीमत में 12 फीसदी की और डीजल की कीमत में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है।

अगर पूरे एक साल की बात की जाए तो 28 मई, 2020 से लेकर आज तक की अवधि में पेट्रोल की कीमत में 31 फीसदी की और डीजल की कीमत में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। 28 मई 2020 को पेट्रोल 71.26 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा था, जो अब बढ़कर 93.94 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं 28 मई 2020 को 69.39 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिकने वाला डीजल आज की बढ़ोतरी के बाद 84.89 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिकने लगा है।

जानकारों का कहना है कि 31 मई को तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और उनके सहयोगी तेल उत्पादक देशों की बैठक में कच्चे तेल के उत्पादन में जारी कटौती की मियाद को जारी रखने या खत्म करने पर फैसला लिया जा सकता है। अगर कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती की मियाद को खत्म करने का फैसला लिया जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ेगी, जिससे उसके दाम में कमी होने की संभावना बनेगी।

इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान पर लगाई गई पाबंदियों में ढील देने का भी संकेत दिया है। अगर ईरान पर लगाई गई अमेरिकी पाबंदियों को खत्म किया जाता है या उसमें ढील दी जाती है, तो अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में ईरान भी कच्चे तेल के एक प्रमुख उत्पादक के तौर पर वापसी कर सकेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आवक बढ़ेगी और उसके दाम में कमी होने की संभावना बनेगी। ऐसा होने पर ही तेल के आयात पर निर्भर करने वाले भारत जैसे देशों को पेट्रोल और डीजल की कीमत से कुछ राहत मिल सकेगी।

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