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महंगाई की मार : इस महीने आज चौथी बार महंगे हुए पेट्रोल-डीजल

महंगाई की मार : इस महीने आज चौथी बार महंगे हुए पेट्रोल-डीजल
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नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण आम आदमी कर बुरा हाल है। इस महीने में ही आज चौथी बार इनकी कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। आज की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत में इस साल यानी 2021 में अभी तक 46 बार बढ़ोतरी की जा चुकी है। इसकी वजह से पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 11.40 रुपये और डीजल की कीमत में अभी तक प्रति लीटर 12.16 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।

6 राज्यों में पेट्रोल 100 रुपये के पार

इस बढ़ोतरी के बाद देश भर के अलग अलग राज्यों में वैट की दर के हिसाब से पेट्रोल और डीजल की कीमत में 26 से 30 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। आज की बढ़ोतरी के बाद देश के 6 राज्यों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई है। इसी तरह मध्य प्रदेश के श्रीगंगानगर और मध्य प्रदेश के अनूपपुर में इसकी कीमत 106 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा हो चुकी है।

मई से अभी तक पेट्रोल 4.97 और डीजल 5.55 रुपये महंगा हुआ

आज की बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 95.37 रुपये हो गई है, वहीं डीजल की कीमत बढ़कर 86.28 रुपये पहुंच गई है। जून के महीने में दिल्ली में अभी तक पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 1.14 रुपये की ओर डीजल की कीमत में प्रति लीटर 1.13 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके पहले मई के महीने में भी कुल 16 बार पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाए जाने के कारण सिर्फ उसी महीने पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 3.83 रुपये और डीजल की कीमत में प्रति लीटर 4.42 रुपये की बढ़ोतरी हो गई थी। इस तरह से सिर्फ मई से लेकर अभी तक पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 4.97 रुपये की और डीजल की कीमत में प्रति लीटर 5.55 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।

चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 96.71 रुपये प्रति लीटर पहुंची

पेट्रोल और डीजल की कीमत में आज की गई बढ़ोतरी के बाद मुंबई में पेट्रोल 101.52 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। जबकि डीजल 93.98 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर आ गया है। इसी तरह चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 96.71 रुपये और डीजल 90.92 रुपये प्रति लीटर हो गया है। आज की बढ़ोतरी के बाद कोलकाता में पेट्रोल 95.28 रुपये की दर पर और डीजल 89.07 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिक रहा है। बेंगलुरु में आज पेट्रोल 98.49 रुपये और डीजल 91.41 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है।

लखनऊ में पेट्रोल 92.56 और डीजल 86.62 रुपये प्रति लीटर

इसी तरह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत 103.45 रुपये के भाव पर पहुंच गई है, वहीं डीजल 94.79 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर बिक रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 92.56 रुपये हो गई है। जबकि डीजल आज की बढ़ोतरी के बाद 86.62 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

पटना में पेट्रोल 97.43 और डीजल 91.03 रुपए प्रति लीटर पहुंचा

इसी तरह बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल आज 97.43 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.51 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। झारखंड की राजधानी रांची में आज पेट्रोल महंगा होकर 91.67 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.03 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पेट्रोल आज की बढ़ोतरी के बाद 101.88 रुपये प्रति लीटर के भाव पर पहुंच गया है, वहीं डीजल 95.10 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है।

श्रीगंगानगर में पेट्रोल 106.39 रुपये प्रति लीटर

डीजल और पेट्रोल की कीमत में हुई बढ़ोतरी के कारण आज राजस्थान के श्रीगंगानगर में पेट्रोल 106.39 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिकने लगा है। यहां डीजल भी 100 रुपये के स्तर के पास बढ़ता जा रहा है। आज की बढ़ोतरी के बाद श्रीगंगानगर में डीजल की कीमत 99.24 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह मध्य प्रदेश के अनूपनगर में पेट्रोल का भाव बढ़कर 106.24 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं मध्य प्रदेश के ही रीवा में पेट्रोल 105.76 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिक रहा है। इसी तरह महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल की कीमत 104 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गई है। आज यहां पेट्रोल प्रति लीटर 103.88 रुपये के भाव पर बिक रहा है।

2021 में अभी तक दिल्ली में पेट्रोल 11.40 रुपये महंगा

आज की बढ़ोतरी के बाद साल 2021 में राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में अभी तक प्रति लीटर 11.40 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं डीजल की कीमत में भी इस साल अभी तक प्रति लीटर 12.16 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। इस साल 1 जनवरी को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 83.97 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब 11.40 रुपये की छलांग के साथ आज 95.37 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह 1 जनवरी को राजधानी दिल्ली में डीजल की कीमत 74.12 रुपये प्रति लीटर थी जो अब 12.16 रुपये की तेजी के साथ 86.28 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

इस साल अभी तक 46 बार बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां इस साल अभी तक 46 बार पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। वहीं इसकी कीमत में सिर्फ चार बार मामूली कटौती की गई है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने जनवरी के महीने में 10 बार, फरवरी के महीने में 16 बार, मई के महीने में भी 16 बार और अब जून के महीने में अभी तक चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। वहीं मार्च में तीन बार और अप्रैल में एक बार पेट्रोल व डीजल की कीमत में मामूली कमी की गई थी।

34 दिन में 20 बार डीजल और पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी

आपको बता दें कि फरवरी के महीने में 27 फरवरी को पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बावजूद 65 दिन तक कोई बढ़ोतरी नहीं की थी। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद 4 मई को 66 दिन के अंतराल पर पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी की गई। 4 मई के बाद आज तक के 34 दिन में सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां 20 बार डीजल और पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी कर चुकी हैं।

क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ने से बढ़े तेल के दाम

जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) की कीमत बढ़ने के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियां इस महीने आगे भी पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी करने का सिलसिला जारी रख सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले कुछ समय से क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) लगातार महंगा हो रहा है। फरवरी में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 61 डॉलर प्रति बैरल की कीमत पर बिक रहा कच्चा तेल आज 72.01 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच कर कारोबार कर रहा है। तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक के क्रूड ऑयल के उत्पादन में कटौती करने के फैसले और दुनिया भर के देशों में इसकी मांग बढ़ने के कारण इसकी कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ती जा रही है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम

कमोडिटी एक्सपर्ट सुधीर तुलस्यान के मुताबिक पिछले एक से डेढ़ महीने के दौरान दुनिया के ज्यादातर देशों में कोरोना का संक्रमण काबू में आता हुआ नजर आ रहा है। इसके कारण कई देशों में आर्थिक गतिविधियां एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं। सभी विकसित देशों ने अपनी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खोल दी है। इस वजह से दुनिया भर में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन ओपेक और उसके सहयोगी देशों ने कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती की हुई है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती जा रही है। ऐसे में अगर जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत में कमी नहीं आती है, तो अपनी जरूरत के लिए आयात पर निर्भर करने वाले भारत जैसे देशों में उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में भी पेट्रोल और डीजल के लिए भारी भरकम कीमत चुकाने के लिए तैयार रहना होगा।

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