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रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, अब आसान नहीं होगा भारतीय सेना पर फिल्म-वेब सीरीज बनाना

बॉलीवुड में इन दिनों बायोपिक और सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्में बनाने का प्रचलन है। जिसके चलते अभी तक कई एथलीट और जानी मानी हस्तियों के जीवन पर आधारित फिल्में बन चुकी हैं। वहीं इसकी तरह ही उरी हमले के जवाब में हुई सर्जिकल स्ट्राइक पर भी विक्की कौशल अभिनीत फिल्म बनाई गई थी, जो कि काफी हिट साबित हुई थी। हालांकि अब केंद्र सरकार ने फिल्म मेकर्स को बड़ा झटका दिया है और कहा है कि भारतीय सेना पर बनाई जाने वाली फिल्मों के पहले अब प्रोडक्शन हाउस को रक्षा मंत्रालय से एनओसी लेनी होगी।

दरअसल रक्षा मंत्रालय को भारतीय सेना के जवानों और सैन्य वर्दी के अपमानजनक तरीके से फिल्म और वेब सीरीज में चित्रित करने के बारे में कुछ शिकायतें मिली हैं। जिसके बाद अब रक्षा मंत्रालय ने औपचारिक रूप से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और सूचना और प्रसारण मंत्रालय से कहा है कि भारतीय सेना पर बनाई जाने वाली कोई भी फिल्म/डॉक्यूमेंट्री/वेब सीरीज के प्रसारण से पहले प्रोडक्शन हाउस को एनओसी प्राप्त करनी होगी। यह एनओसी सर्टिफिकेट रक्षा मंत्रालय की ओर से दिया जाएगा।

बिना एनओसी के भारतीय सेना पर बनाई गई फिल्मों और उसके सीन का प्रसारण नहीं हो सकेगा। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और सूचना प्रसारण मंत्रालय को रक्षा मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया है कि यह उन सब घटनाओं को रोकने के लिए किया जा रहा है, जो रक्षा बलों की छवि खराब करते हैं और रक्षा कर्मियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।

सशस्त्र बलों की छवि को खराब तरीके से दिखाया गया

रक्षा मंत्रालय को मिली शिकायत में कहा गया है कि एएलटी बालाजी पर प्रसारित वेब सीरीज कोड M और जी5 की एक्सएक्सएक्स अनसेंसर्ड (सीज़न -2) जैसी सीरीज में सेना को लेकर कुछ ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जो वास्तविकता से काफी दूर हैं। सिर्फ इतना ही नहीं सेना के जो सीन इन सीरीज में दिखाए गए वो सशस्त्र बलों की खराब छवि पेश करते हैं।

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