Breaking News

चुनाव आयोग का आदेश, राजनीतिक पार्टियाँ नगद चंदे को 10 दिन में करें जमा

 पार्टियों का नोटबंदी से अबतक का खाता सार्वजनिक करानें की मांग को लेकर आज लखनऊ हजरतगंज स्थित गाँधी प्रतिमा पर दिया गया| जिसमे मांग की गयी कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की नैतिक जिम्मेदारी है सार्वजनिक रूप से पारदर्शी रहना, सभी पार्टिओं को अपना खाता सार्वजनिक करना ही चाहिये जिससे जनता में उनके प्रति सुचिता और विश्वास कायम रह सके | 

a-28

कालाधन बन रहा पार्टीधन की आशंका

लोकतंत्र मुक्ति आन्दोलन के तहत पिछले 1 महीने से लगातार कालाधन के पार्टीधन बनने की आशंका हेतु सभी पार्टियों के प्रदेश कार्यालयों पर धरना देकर नोटबंदी से अबतक का बैंक खाता सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है, परन्तु अभी तक किसी पार्टी नें स्टेटमेंट नहीं जारी किया हैं | लोकतंत्र मुक्ति आन्दोलन के संयोजक प्रताप चन्द्र ने कहा कि ये आशंका अब सच साबित हो रही हैं, बसपा के खाते में बंद हो चुके नगद नोट 104 करोड दिसंबर के महीने में जमा किया गया इससे साबित होता है कि सभी पार्टियाँ अपने बैंक खातों में नोबंदी के बाद कालाधन जमा करके खपा चुकी हैं |

चुनाव आयोग से भी की मांग

लोकतंत्र मुक्ति आन्दोलन के संयोजक प्रताप चन्द्र इस सम्बन्ध में चुनाव आयोग से लिखित मांग की हैं | चुनाव आयोग के एक लिखित आदेश जो आयोग ने 19 नवम्बर 2014 को सभी पार्टियों जारी किया था कि पार्टियाँ अपने नगद चंदे को 10 दिनों के भीतर ही बैंक में जमा कराएँ |

18 नवम्बर के बाद जमा चंदा काला धन

प्रताप चन्द्र की माने तो सभी दलों  ने 8 नवम्बर को हुए नोटबंदी तक मिले नगद चंदे को 18 नवम्बर 16 तक जमा करा दिए होंगे लिहाज़ा 18 नवम्बर के बाद दलों द्वारा नगद चंदा बैंक में जमा कराना न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि आयोग के आदेश का उलंघन भी है |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *