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हार के बाद केजरीवाल की मांग, बैलेट पेपर से हो दिल्ली MCD चुनाव

हार के बाद केजरीवाल की मांग, बैलेट पेपर से हो दिल्ली MCD चुनाव
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kejriwal_पंजाब विधानसभा चुनाव में मिले निराशाजनक परिणाम के बाद अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर मांग की है‌ कि दिल्ली में एमसीडी के चुनावों में मतदान के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाए।

बता दें कि आम आदमी पार्टी को पंजाब में भारी जीत की उम्मीद थी लेकिन, यहां मिली करारी हार के बाद पार्टी में निराशा का माहौल है। पार्टी पंजाब चुनाव में जीत को लेकर इतनी उत्साहित थी कि परिणाम आने के पहले ही जश्न की पूरी तैयारी कर ली थी।

11 मार्च को दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर रेड कार्पेट बिछा कर जश्न की तैयारी की गई थी। हालांकि, परिणाम आने के बाद कार्यकर्ताओं सहित बड़े नेताओं का भी जोश काफूर हो गया था।

आज शाम हो सकती है चुनावों की घोषणा

बता दें कि केजरीवाल से पहले मायावती ने भी ये आरोप लगाया था कि यूपी चुनाव में ईवीएम में कुछ गड़बड़ी की गई है। मायावती ने कहा था कि उनकी पार्टी का तीसरे स्‍थान पर रहना इस बात का संकेत है कि ईवीएम में कुछ न कुछ गड़बड़ी हुई है।

मालूम हो कि हाल ही में हुए पांच राज्यों की विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को चार राज्यों में आशानुरूप सफलता मिली जिसके बाद मायावती और अब केजरीवाल ने ईवीएम मशीन के साथ गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

आज शाम पांच बजे चुनाव आयोग प्रेस कांफ्रेंस करने वाला है जिसमें दिल्ली में एमसीडी चुनावों की घोषणा की जा सकती है। फिलहाल दिल्ली की चार नगर निगमों में से तीन पर भाजपा का ही कब्जा है। संभावना व्यक्‍त की जार रही है‌ कि दिल्ली में अप्रैल में स्‍थानीय निकायों के चुनाव हो सकते हैं।

वर्तमान पार्षदों को टिकट नहीं देगी बीजेपी!

इस बीच सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली बीजेपी की बैठक में पार्षदों से कहा गया है कि आगामी निगम चुनाव में किसी भी मौजूदा पार्षद को टिकट नहीं दिया जाएगा।

पार्टी के इस फैसले के बाद बाहर आए पार्षदों ने कुछ हंगामा भी किया जिसमें एक महिला पार्षद संध्या वर्मा की आंखों से आंसू भी निकल आए। हालांकि, उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वो पार्टी के टिकट पर ही पिछला चुनावा जीती थीं और आगे भी पार्टी की सेवा करती रहेंगी।

इस बीच खबर ये भी है कि इस मीटिंग में पार्षदों से साफ कहा गया है कि आगामी चुनाव में किसी भी पार्षद के रिश्तेदार या जानने वाले को टिकट नहीं दिया जाएगा। असल में पार्टी इस चुनाव में बिल्कुल नए चेहरों के साथ मैदान में उतरने की योजना बना रही है।

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