Top
Pradesh Jagran

साध्‍वी सरस्‍वती का बड़ा बयान, गोमांस खाने वालों को बीच चौराहे पर फांसी पर लटका दो

साध्‍वी सरस्‍वती का बड़ा बयान, गोमांस खाने वालों को बीच चौराहे पर फांसी पर लटका दो
X

balika-saraswati_s_650_030715090353देश में गोमांस पर चल रही अहम बहस के बीच साध्‍वी सरस्‍वती ने बड़ा बयान दिया है। साध्वी ने मामले में कूदते हुए कहा है कि जो लोग स्‍टेटस सिंबल के लिए पशु मारते हैं और गोमांस का सेवन करते हैं, उनको सड़क के बीचों—बीच चौराहे पर फांसी दे देनी चाहिए।

आपको बता दें कि साध्वी एमपी के छिंदवाड़ा जिले की रहने वाली हैं। उन्‍होंने केवल 5 साल की उम्र से राम कथा करना शुरू कर दिया था।

साध्वी की पहचान एक कट्टर हिंदू के रूप में रही है। वो शानदार प्रवचन करने के लिए जानी जाती हैं।

मगर इस बार साध्वी अपने प्रवचनों की वजह से नहीं जानी गईं हैं, वरन गोमांस को लेकर दिए गए बयान की वजह से सुर्खियों में हैं। साध्‍वी ने गोवा में प्रवचन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार से अपील करती हूं कि देश में जो लोग स्‍टेटस सिंबल के लिए अपनी मां के समान गाय माता का मांस खाते हैं, उनको चौराहे के बीच फांसी पर लटका देना चाहिए।

गोवा में आयोजित हो रहे 4 दिवसीय ऑल इंडिया हिंदू कंवेंशन के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए यह बात कही। कार्यक्रम का आयोजन हिंदू जागृत कमेटी सनात संस्था की तरफ से किया गया है। सनातन संस्था के कुछ लोगों पर अंधविश्वास विरोधी और तर्कवादी माने जाने वाले नरेंद्र दाभोलकर के मर्डर का केस चल रहा है।

आपको बता दें कि साल 2013 में दाभोलकर की पुणे में हत्या कर दी गई थी। यहां गोवा में आयोजित इस कार्यक्रम से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अलावा बीजेपी और विश्व हिंदू परिषद ने दूरी बना रखी है।

इस मौके पर साध्वी ने कहा कि बड़ी चुनौती गैर हिंदू को हिंदू बनाने की नहीं है, बल्कि पहले जो जो हिंदू थे, उन्हें हिंदू बनाना है। उन्होंने धर्म निरपेक्ष लोगों पर निशाना साधते हुए कहा है कि जो लोग यह दोहरा मुखौटा पहनकर अलग तरह का एजेंडा चला रहे हैं, उन्हें पहले निशाने पर लेना जरुरी है। साध्वी ने कहा कि यदि हम लोग शस्त्र नहीं रखेंगे तो आने वाले समय में कुछ आक्रान्ताओं के द्वारा हमारा विनाश होने वाला है।

विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने साध्‍वी के बयान पर अपत्ति जताते हुए कहा है कि यह बयान ‘हैट स्‍पीच’ है। एआईसीसी के सचिव गिरीश चोडणकर ने गोवा में मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर की राज्य सरकार की इस मामले में चुप्पी पर सवाल उठाया है। चोडणकर ने कहा है कि साध्वी के भाषण में सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाला माना जाना चाहिए।

Next Story
Share it