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रुद्रप्रयाग की खांकरा झील में डूबने से 12 वीं के छात्र की मौत

रुद्रप्रयाग की खांकरा झील में डूबने से 12 वीं के छात्र की मौत
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इंटरमीडिएट की परीक्षा देकर अपने चाचा के यहां खांकरा आए एक छात्र की सिचांई विभाग की ओर से बनाई गई झील में डूबने से मौत हो गई। वह झील में नहाने गया था, लेकिन अचानक डूब गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि झील के आसपास कोई भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिससे उसकी मौत हो गई।

अभिषेक सिंह कप्रवाण पुत्र विजयी सिंह निवासी उत्यासू अपने चाचा के साथ खांकरा आया था, चाचा की यहां पर हार्डवेयर की दुकान है। अभिषेक खांकरा में बनी झील में नहाने के लिए चला गया। और नहाते समय अचानक व गहरे पानी में डूब गया।

आसपास के लोगों ने उसे बचाने का काफी प्रयास किया। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। छात्र 12वीं में राजकीय इंटर कॉलेज जवाड़ी में पढ़ता था। छात्र का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

वहीं प्रधान प्रदीप मलासी ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग ने तीन करोड़ की लागत से यहां पर झील का निर्माण किया है, लेकिन झील के आसपास कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। जिससे हर समय खतरा बना रहता है।

खांकरा झील बन रही मौत का कुंआखांकरा झील सरकार की योजना के मुताबिक पर्यटन को बढ़ावा देने में तो पूरी तरह फेल साबित हुई, लेकिन मौत का कुंआ जरूर बन रही है। सरकार ने यहां पर पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करोड़ों की लागत से झील का निर्माण किया था, पर वह इसमें सफल नहीं हो पाई। मात्र खांकरा गदेरे में पानी रोकने के लिए चैनल का निर्माण कर उसे छोड़ दिया।

लगभग आठ वर्ष पूर्व भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार ने खांकरा में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से झील का निर्माण की स्वीकृति दी थी, उस समय क्षेत्रीय विधायक ङ्क्षसचाई मंत्री मातबर ङ्क्षसह कंडारी थे, उन्होंने ही इसकी स्वीकृति प्रदान की थी। यहां पर झील का निर्माण कर नौकायन के साथ ही मतस्य पालन भी करने की योजना थी। सरकार ने निर्माण में लगभग दो से तीन करोड़ रुपये तो खर्च किए, लेकिन इसके बाद इसे ऐसे ही छोड़ दिया, यहां तक कि झील के आसपास सुरक्षा उपाय तक नहीं करवाया, जिससे यहां पर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।

खांकरा के प्रधान प्रदीप मलासी व पूर्व प्रधान नरेंद्र मंमगाई का कहना है कि कई बार विभाग व सरकार को खांकरा झील के आसपास सुरक्षा के इंतजाम करने का अनुरोध किया गया, लेकिन आज उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं की गई।

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