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राम मंदिर के सिवाय कुछ स्वीकार नहीं : चंपत राय

राम मंदिर के सिवाय कुछ स्वीकार नहीं : चंपत राय
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विश्व हिंदू परिषद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर अब बड़ा अभियान छेडऩे के मूड में है। इसके लिए केंद्र सरकार से अतिशीघ्र अध्यादेश लाने की मांग की जाएगी।23_01_2017-23-01-2017--up

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय को भरोसा है कि अब मंदिर के निर्माण को लेकर हिंदू समाज कंधे के कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। चंपत राय ने कल मेला क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद के शिविर में काशी प्रांत की दो दिनी बैठक का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में भी उत्तर प्रदेश में उसी विचारधारा की सरकार बनानी होगी, तभी हमारा संकल्प पूरा हो पाएगा। यह भी कहा कि राम मंदिर पूर्वजों के सम्मान की लड़ाई है, जिसे विहिप आगे बढ़ा रही है। हिंदुओं को संगठित करने के लिए 28 मार्च नववर्ष प्रतिप्रदा से श्रीराम महोत्सव का देशव्यापी अभियान शुरू होगा।

वहीं, संगठन महामंत्री दिनेश ने कहा कि विहिप की मुहिम को आगे बढ़ाने का खाका तैयार हो चुका है। इसके तहत कार्यकर्ता गांव-गांव प्रवास करके लोगों से संपर्क करेंगे। धार्मिक कार्यो के जरिये लोगों को संगठित करने की मुहिम चलेगी। संगठन मंत्री अम्बरीश ने श्रीराम महोत्सव, धर्मरक्षा निधि, बजरंग दल वर्ग, परिषद शिक्षा वर्ग पर चर्चा की। साथ ही यह भी तय हुआ कि गुरु गोबिंद सिंह की 350वीं जयंती पर विशेष कार्यक्रम किया जाएगा। संचालन आनंद ने किया।

वेद अध्ययन से बदलेगी दशा व दिशा

विहिप के माघ मेला शिविर में कल महर्षि भारद्वाज वेद स्वाध्याय शिविर का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि वेदों को संरक्षित करके ही भारतीय संस्कृति की रक्षा हो सकती है। वेद का अध्ययन करने से समाज की दिशा व दशा बदलेगी। उन्होंने वेदों के संरक्षण में स्व. अशोक सिंहल के योगदान की सराहना की। अध्यक्षता कर रहे काशी सुमेरुपीठाधीश्र्वरस्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि विश्व की प्राचीनतम पुरातन कृति है वेद। विश्व की ऐसी कोई व्यवस्था में नहीं जो वेदों में न हो। कहा कि जो वेदों में नहीं है उसका अस्तित्व कहीं नही है। वेदों के अध्ययन से कर्म, उपासना, ज्ञान की प्राप्ति होती है।

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