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भाजपा की लिस्ट में बाहरियों की भरमार, दागियों तक पर लगाया दांव

भाजपा की लिस्ट में बाहरियों की भरमार, दागियों तक पर लगाया दांव
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यूपी और उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चुनने में भाजपा ने जीत को तरजीह दी है। पार्टी ने पूर्व में किए नैतिकता के सारे दावे को दरकिनार करते हुए बाहरियों को खुब गले लगाया है। तो नेता पुत्र और पुत्रियों के मामले में पीएम मोदी की नसीहत भी बेअसर रही है। जीत और ध्रुविकरण को सुनिश्चित करने के लिए दागी से लेकर दंगे के आरोपियों तक पर दांव लगाया गया है। bjp_1483589413

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के जरिए उम्मीदवार चयन के लिए कराई गई सात स्तरीय छंटनी भी धरी की धरी रह गई। बाहर से सुबह दल में शामिल वाले नेताओं को पार्टी ने शाम को अपने उम्मीदवार की सूची में शामिल कर लिया। वहीं नेतागण अपने करीबी को भी टिकट दिलवाने में सफल रहे हैं। एक भी अल्पसंख्यक को उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। यूपी के लिए

घोषित 149 उम्मीदवारों की लिस्ट में 24 उम्मीदवार दूसरे दलों से आए हुए नेता हैं। पार्टी ने आरक्षित सीटों पर 3 महिला उम्मीदवारों को भी मैदान में उतारा है, कुल महिला उम्मीदवारों की संख्या 11 है। पश्चिमी यूपी के ध्रविकरण वाले माहौल को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा ने संगीत सोम और सुरेश राणा पर दावं लगाने के अलावा बिजनौर से मौसम चौधरी को मैदान में उतारा है।

सुची हिंदू-मुस्लिम झगड़े के विवाद में चार माह से जेल में बंद मौसम चौधरी की पत्नि हैं। एक अन्य नेता पत्नि को उम्मीदवार बनाते हुए भाजपा ने तीन दिन पहले दल में शामिल हुए राजा अरिदमन सिंह की पत्नि रानी पक्षलिका सिंह को फतेहपूर सिकरी के बाह से उम्मीदवार बनाया है। तो नेता के करीबियों में केंद्रीय मंत्री उमा भारती के सहयोगी रहे संजय शर्मा अनूप शहर से टिकट लेने में कामयाब रहे हैं।

सूत्र बताते हैं कि उमा ने शर्मा के लिए मजबूती से पैरवी की थी। ऐसे ही सिवालखास से जितेंद्र सतवई को उम्मीदवार बनाया गया है। बताया जा रहा है कि सतवई की पैरवी विश्व हिंदू परिषद से जुडे स्थानिय संत स्वामी दयांनद ने की है।

पहली लिस्ट में बसपा से आए नेताओं की संख्या ज्यादा है

शाह के सात स्तरीय छंटनी की खुली कलई

अमित शाह के सात स्तरीय छंटनी की कलई इस कदर खुली है कि दूसरे दलों से सुबह भाजपा का दामन थामने वाले रमेस तोमर को शाम को धौलाना से टिकट थमा दिया गया। हालांकि तोमर पहले भाजपा में थे। लेकिन राजनाथ सिंह से न पटने की वजह से वे दूसरे दल में चले गए थे। सोमवार को दिन में उन्होंने भाजपा का दामन वापस थामा तो पार्टी ने शाम को टिकट उनकी झोली में डाल दिया।

बाहरियों की भरमार

यूपी के लिए भाजपा ने अपने पहली लिस्ट की घोषणा करते हुए 149 उम्मीदवारों में से 24 बाहरियों पर दांव लगाया है। पार्टी की पहली लिस्ट में सपा के मुकाबले बसपा से आए नेताओं की संख्या ज्यादा है। बेहट से महवीर राणा, नकुड़ से धर्म सिंह सैनी, सहारनपुर से मनोज चौधरी, गंगोह से प्रदीप चौधरी, मीरपुर से अवतार सिंह भड़ान (लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से आए), नगीना से ओमवती, धामपूर से अशोक राणा, नहटौर से ओम कुमार, कांठ से राजेश कुमार चुन्नू, चंदौसी से गुलाब देवी, कीठौर से सतवीर त्यागी (लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में आए), सिवालखास से जितेंद्र सतावी, धैलाना से रमेस तोमर, दादरी से तेजपाल नागर (लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में आए, महेश शर्मा की पसंद), बरौली से दलवीर सिंह, सिरसागंज से जयवीर सिंह, पटियाली से मतेश शाक्य, गुन्नोर से अजित राजू यादव, बिसौली से कुसाग्र सागर, शेखपुर से धर्मेंद्र शाक्य, मीर गंज से डा. डीसी वर्मा, नवाब गंज से केसर सिंह, पीलीभीत से संजय गंगवार, बरखेरा से किशन लाल राजपूत (राजनीति की नई शुरूआत), कटरा से वीर विक्रम सिंह, तिलहर से रोशल लाल वर्मा सरीखे दूसरे दलों से आए नेताओं के नाम शूमार हैं।

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