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तो नोटबंदी के 50वें दिन बदल जाएंगे भारत के प्रधानमंत्री !

तो नोटबंदी के 50वें दिन बदल जाएंगे भारत के प्रधानमंत्री !
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नोटबंदी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा घोटाला बताया। उन्होने मंगलवार को ये सवाल उठाया कि अगर हालात नहीं सुधरते हैं तो नोटबंदी के 50 दिन बीतने पर क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्तीफा देंगे? कुछ विपक्षी पार्टियों द्वारा यहां बुलाए गए संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि नोटबंदी का फैसला अवैध और गैर संविधानिक है। इसने देश को 20 साल पीछे धकेल दिया है।mamta-banerjee-wide-screen-image

ममता ने मोदी की दी हुई 50 दिनों की समय सीमा खत्म होने के दिन करीब आने का जिक्र करते हुए कहा, “मोदी, आपने 50 दिन मांगे थे, लोग रोजगार खो रहे हैं, भूख के कारण मर रहे हैं, फिर भी हालात सुधारने के लिए आपको समय दिया गया। अब 47 दिन बीत गए हैं, सिर्फ 3 दिन बचे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हम अगले तीन दिन और प्रतीक्षा करेंगे। लेकिन मोदी, अगर चीजें जस की तस रहती हैं तो क्या आप जिम्मेवारी लेंगे और देश के प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देंगे?”

ममता ने कहा, “नोटबंदी के नाम पर आपने पूरे देश को लूट लिया है, करीब दस करोड़ लोग बेरोजगार हो गए हैं। आपने कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए गरीबों से धन लूटा है। इन कॉरपोरेट घरानों ने बैंकों के लिए बड़ी मात्रा में अनर्जक संपत्ति पैदा की है।”

उन्होंने कहा, “औसत विकास दर को भारी क्षति हुई है, अर्थव्यवस्था 20 साल पीछे चली गई है। यह महाघोटाला है। आजादी के बाद सबसे बड़ा घोटाला है।”

तृणमूल नेता ने आगे कहा कि नोटबंदी के विरोध को लेकर विपक्ष एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम बनाएगा।

मोदी पर देश की संघीय ढांचे को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि इतना बड़ा फैसला लेने से पहले मोदी ने न तो संसद को विश्वास में लिया और न ही इसे लागू करने के बाद संसद में कोई बयान दिया। क्या यही लोकतंत्र है?

उन्होंने कहा, “यह न केवल अनैतिक है, बल्कि अवैध और गैर संविधानिक भी है।”

मुख्यमंत्री ने नकदी रहित अर्थव्यवस्था के लिए मोदी सरकार के प्रयास की भी खिल्ली उड़ाई।

ममता ने चुटकी लेते हुए कहा, “अमेरिका जैसी विकसित अर्थ्व्यवस्था में भी 40 प्रतिशत नकद हस्तांतरण होते हैं और मोदी कैशलेस इकोनॉमी की बात करते हैं। मोदी सरकार आधारहीन हो चुकी है और उसका चेहरा विद्रूप हो चुका है।”

उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी की आड़ में अपने छिपे एजेंडे को आगे लाने की कोशिश में मोदी सरकार कमजोर हो गई है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगर सरकार कमजोर होती है तो देश कमजोर हो जाता है। नोटबंदी ने पूरे देश को अस्थिर कर दिया है। इस सरकार को हट जाना चाहिए, वरना लोग इसे बाहर फेंक देंगे।”

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