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उत्तराखंड में खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान के पहले दिन ही उद्घाटन होते शुरु हुआ विरोध

उत्तराखंड में खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान के पहले दिन ही उद्घाटन होते शुरु हुआ विरोध
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उत्तराखंड में खसरा-रुबेला के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को पहले दिन ही तगड़ा झटका लगा है। सोमवार को अभियान का उद्घाटन होते ही इसका विरोध भी शुरू हो गया। मातृ-शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने लंबित मांगों पर अमल नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए कार्य बहिष्कार किया।

महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोरोनेशन, सीएमओ कार्यालय, दून महिला अस्पताल, सीएचसी रायपुर, सीएचसी नेहरू ग्राम सहित कई अस्पतालों के वैक्सीन रूम में तालाबंदी कर दी। जिले में कार्यरत करीब 150 एएनए के कार्य बहिष्कार के चलते 20 हजार से अधिक बच्चों को टीका नहीं लग पाया।

पहले दिन एक एएनम को 200 बच्चों को टीका लगाना था। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा में आयोजित समारोह में खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 तक खसरे के खात्मे का संकल्प लिया गया है।

मातृ-शिशु एवं परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के बाहर एकत्र होकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। वहीं, राजधानी में विभिन्न अस्पतालों में वैक्सीन के लिए बनाए गए कमरों में तालाबंदी की। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष गुड्डी मटूड़ा ने कहा कि महिला स्वास्थ्य कर्मियों को शासनादेश के बावजूद एश्योर्ड करियर प्रमोशन (एसीपी) का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने उनकी एक सूत्री मांग पर वार्ता के लिए बुलाया है। यदि वार्ता सकारात्मक नहीं रही तो प्रदेशभर में टीकाकरण अभियान का बहिष्कार किया जाएगा। महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के भीतर घुसने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल पर नहीं जाने दिया।

उत्तराखंड में 28 लाख से अधिक बच्चों का होना है टीकाकरण

इससे गुस्साई महिलाओं ने कार्यक्रम स्थल के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में संगीता जोशी, आभा जोशी, संतोष चौहान, सरिता नौडियाल, अनुराधा, अनीता, अरुणा रावत, पिंकी सोलंकी आदि शामिल रहीं। दूसरी ओर उत्तरांचल आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ से जुड़ी आशा कार्यकत्रियों ने प्रदेशभर में टीकाकरण अभियान का बहिष्कार किया। संघ की प्रदेश महामंत्री सुशीला खत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी महिलाओं को पिछले चार माह से मानदेय और आठ महीने से आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का किराया नहीं मिला।

जब तक मानदेय और भवन किराया नहीं मिलेगा खसरा-रुबेला अभियान का बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संगठन की महिलाएं सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से से भाजपा प्रदेश कार्यालय में मिलीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की वेतन वृद्धि वापस नहीं ली जाएगी। वहीं, उन्होंने लंबित मांगों पर शीघ्र अमल का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री से मिलने वालों में जिला अध्यक्ष मीना तोमर, भगवती, सुधा शर्मा, राखी गुप्ता, रुबी सिंह और सीखा चौहान आदि शामिल रहीं।

उत्तराखंड में 28 लाख से अधिक बच्चों का होना है टीकाकरण

खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान के तहत नौ महीने से 15 वर्ष तक के देश भर में 41 करोड़ बच्चों का टीकाकरण किया जाना है। इसका उद्देश्य खसरे को समाप्त कर रुबेला को नियंत्रित करना है। अभियान के तहत उत्तराखंड में 28 लाख से अधिक बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। राज्य व्यापी अभियान को सफ ल बनाने के लिए बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, रेडक्रास लायंस एवं रोटरी क्लब, भारतीय चिकित्सा संघ, बाल रोग विशेषज्ञ संघ, विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं यूनिसेफ की ओर से सहयोग किया जा रहा है।

महिला कर्मचारियों की मांग पर शासन स्तर से अमल होना है। शासनादेश संशोधित हुए बगैर उन्हें एसीपी का लाभ नहीं मिल पाएगा। महिला कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार को देखते हुए विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, जहां कहीं ताले लगाए गए हैं उन्हें खुलवाया जा रहा है।

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