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अब योजनाओं में फर्जी लाभार्थियों की तलाश को चलेगा ये बड़ा अभियान

अब योजनाओं में फर्जी लाभार्थियों की तलाश को चलेगा ये बड़ा अभियान
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उत्तराखंड में में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) वाली केंद्र और राज्य की सभी योजनाओं में फर्जी लाभार्थियों की तलाश के लिए बड़ा अभियान चलेगा। इस अभियान में योजना से संबंधित विभाग राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) और यूआईडीआई के सहयोग से एक मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम (एमआईएस) एप्लीकेशन तैयार करेंगे, जिसकी मदद से योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के असली या नकली होने की पहचान आसानी से हो जाएगी। ऐसा करने के लिए केंद्र सरकार ने कहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय से इस संबंध में प्रदेश सरकार को दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। इनमें डीबीटी के फॉरमेट में नया बदलाव किया गया है। यह बदलाव योजनाओं के लाभार्थियों के आधार लिंक से जुड़ा है। अभी तक विभागों को अपनी योजनाओं के आंकड़े उत्तराखंड डीबीटी पोर्टल में अपलोड करने थे। ये आंकड़े वित्तीय वर्ष के दौरान योजना में केंद्र या राज्य सरकार से प्राप्त राशि, उसके वितरण और लाभार्थियों की संख्या से संबंधित थे।

इनका आधार लिंक खातों का ब्योरा भी देना था। अब विभागों को ही अपने स्तर पर आधार से लिंक खातों का सत्यापन या प्रमाणीकरण की जांच कर इसे उत्तराखंड डीबीटी पोर्टल से जोड़ना होगा। आधार के सत्यापन की कवायद से योजनाओं का फर्जी ढंग से लाभ लेने वालों का खुलासा हो सकता है। समाज कल्याण व अल्पसंख्यक विभाग में केंद्र सरकार के स्तर पर आधार का सत्यापन होने के बाद करीब डेढ़ से दो लाख लाभार्थियों की पात्रता संदेह के घेरे में आ चुकी है। सभी योजनाओं के आधार सत्यापन होने पर अपात्रों की संख्या और बड़ी हो सकती है।

विभागों को आज जारी होंगे दिशा निर्देश

डीबीटी पोर्टल के नए फारमेट पर सचिव वित्त अमित सिंह नेगी ने डीबीटी वाली योजनाओं से जुड़े विभागों के निदेशकों व वित्त नियंत्रकों की बैठक बुला ली है। यह बैठक शुक्रवार को सचिवालय में होगी। बैठक में सभी विभागों को आधार के सत्यापन करने और नए दिशा-निर्देशों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।

फैक्ट फाइल

- 15 विभागों की योजनाएं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से संबंधित हैं।

- 55 केंद्र पोषित योजनाएं हैं जो प्रदेश में संचालित हो रही हैं।

- 59 राज्य की योजनाएं हैं जिन्हें विभिन्न विभागों द्वारा चलाया जा रहा है।

- 114 योजनाएं उत्तराखंड डीबीटी पोर्टल में दर्ज हो चुकी हैं।

इन विभागों में चलेगा अभियान

स्वास्थ्य, विद्यालयी शिक्षा, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, जनजातीय कल्याण, कृषि, पशुपालन, ग्राम्य विकास, शहरी विकास, उद्यान, तकनीकी शिक्षा, पंचायती राज, खाद्य आपूर्ति, आईसीडीएस, ऊर्जा व उरेड़ा विभागों से संबंधित योजनाएं डीबीटी से संबंधित है, जिनमें आधार को लेकर अभियान चलेगा।

सचिव वित्त बृहस्पतिवार को एक बैठक लेंगे, जिसमें सभी विभागों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। विभाग अपने स्तर पर एक साफ्टवेयर एप्लीकेशन तैयार करेंगे। ये एप्लीकेशन उत्तराखंड डीबीटी पोर्टल से लिंक होगी। एप्लीकेशन का यूआरएल उत्तराखंड डीबीटी पोर्टल से लिंक हो जाएगा।

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