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कर्ज लेकर शुरू किया था करोबार, अब हर दिवाली कर्मचारियों को गिफ्ट करते हैं मर्सिडीज कार और फ्लैट

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नई दिल्ली: कर्मचारियों को बोनस के रूप में मंहगे फ्लैट, लग्जरी कारें और विदेशों का टूर पैकेज गिफ्ट करने वाले गुजरात के हीरा कारोबारी सावजी भाई ढोलकिया किसी पहचान के मोहताज नहीं। आज उनका नाम देश की नामचीन हस्तियों में शुमार है। यही नहीं वह एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो हर साल होली दिवाली पर अपनी कंपनी ‘श्री हरे कृष्णा एक्सपोर्ट’ में कार्यरत कर्मचारियों को मर्सिडीज बेंज व फ्लैट  जैैसे तोहफे बोनस में देते हैं। इस बार भी उन्होंनेे दिवाली बोनस के रुप में अपने 1500 कर्मचारियों को कार और एफडी गिफ्ट करने का फैैसला किया है। लेकिन क्या आपको पता है कि 6 हजार टर्नओवर वाली कंपनी के मालिक ढोलकिया ने कभी कर्ज लेकर बिजनेस शुरू किया था?
कर्ज लेकर शुरू किया था कारोबार

डायमंड किंग सावजी ढेलकिया की सफलता की कहानी काफी दिलचस्प है। ढोलकिया का जन्म अमरेली जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। पढ़ाई में मन ना लगने और पारिवारिक दबाव के चलते वह 13 वर्ष की उम्र में ही सूरत भाग गए और एक छोटी से फैक्ट्री में काम करने लगे। पांच-छह महीने में बाद जब वह वापस घर पहुंचे तो उनके पिता ने पढ़ने के लिए समझाया, लेकिन इन्हें पढ़ाई से डर लगता था। जिससे यह फिर सूरत चले गए और इसी तरह दो-तीन बार किया।

ढोलकिया बताते हैं मां उन्हें अक्सर समझाती और इमोशनली ब्लैकमेल करती थी। इसके बाद एक दिन उन्होंने ठान लिया कि अब अच्छा आदमी बनना है। उन्होंने बताया कि एक दिन स्वामी नारायण संप्रदाय के एक साधु के पास गए। उनका परिवार पिछली कई पीढ़ियों से स्वामी नारायण सम्प्रदाय का अनुयाई है। उन्होंने साधु से पूछा कि वह उनका जीवन खुशहाल बनाने के लिए कुछ उपाए बताएं। इस पर साधु ने सकाम भक्ति के तहत 108 नामों का एक मंत्र बताया और उसे 11 लाख बार जाप करने के लिए कहा और कहा कि इतना करने के बाद कोई भी कुछ करना चाहे तो कर सकता है।

साधु के इस उपाय को करने के बाद ढोलकिया के अंदर एक बड़ा आत्म विश्वास जागा कि वह अब कुछ भी कर सकते हैं। इसी ध्येय के साथ अब वह फिर से नौकरी करने सूरत के चले आए। यहां एक हीरा कंपनी वह हीरा घिसने का कार्य करने लगे। नौकरी में तरक्की मिलने और अच्छे अनुभव के बाद मैंने खुद का व्यापार खड़ा करने का निर्णय लिया। जैसे-तैसे अपना हीरा कारोबार शुरू तो कर लिया। लेकिन उसे बढ़ाने के लिए मुझे कर्ज लेना पड़ा। हालांकि उन्हें चाचा से कर्ज मिल गया। इसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत से व्यापार को इस मुकाम तक पहुंचाया।

आज हरे कृष्णा एक्सपोर्ट का हीरा कारोबार दुनिया के 71 देशों में फैला हुआ है। सावजी भाई अरबपति होने के बाद भी सभी को पैसे की अहमियत बड़़े अच्छे तरीके से समझाते हैं। हाल ही में अपने बेटे द्रव्य को पैसे की अहमियत की सीख देने के लिए सिर्फ 7 हजार रुपए के साथ कोची शहर में खुद के दम पर रोजी-रोटी कमाने भेजा था। एमबीए कर चुके बेटे को अपने पैरों पर खड़े होने की कला सिखाने के लिए उन्होंने ऐसा किया था। उनके इस काम को काफी लोगों ने सराहा था।
कई बार कर्मचारियों को दे चुके मंहगे तोहफे
सावजी ढोलकिया 2011 से हर साल कर्मचारियों को इसी तरह से दिवाली बोनस देते रहे हैं। 2015 में उनकी कंपनी ने अपने कर्मचारियों को दिवाली बोनस के तौर पर 491 कार और 200 फ्लैट बांटे थे। 2014 में भी कंपनी ने कर्मचारियों के बीच इंसेंटिव के तौर पर 50 करोड़ रुपए बांटे थे।
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