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जानिए क्यों धोनी के दस्तानों से पैरा फोर्स के बलिदान चिंह को हटवाना चाहती है आईसीसी?

नई दिल्ली। भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका पर शानदार जीत दर्ज करते हुए विश्व कप 2019 का विजयी आगाज किया था। टीम को मिली इस जीत के हीरो रहे ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा, जिन्होंने नाबाद 122 रनों की पारी खेली और मैच को भारत की झोली में डाला। लेकिन मैच के बाद पिछले दो दिनों से जिस भारतीय खिलाड़ी की दुनियाभर में चर्चा है वह है टीम के पूर्व कप्तान और वर्तमान में विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी…। दरअसल, गत दो दिनों से धोनी मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। इसकी वह है पहले मैच में उनके दस्तानों पर छपा पैरा स्पेशल फोर्स का बलिदान प्रतीक।

जी हां…। धोनी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए इस मैच में पैरा (एसएफ) रेजीमेंट को सम्मान देते हुए बलिदान प्रतीक वाला ग्लाब्स पहना था। हालांकि अब उन्हें ऐसा दोबारा न करने और आगे के मैचों में इस ग्लब्स को न पहने के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बीसीसीआई से अपील की है। आईसीसी के महाप्रबंधक, रणनीति समन्व्य, क्लेयर फरलोंग ने कहा, “हमने बीसीसीआई से इस चिन्ह को हटवाने की अपील की है।”

इस वजह से धोनी के ग्लब्स से बलिदान प्रतीक हटवाना चाहता है आईसीसी

दरअसल, धोनी के दस्तानों पर ‘बलिदान ब्रिगेड’ का चिन्ह है। सिर्फ पैरामिलिट्री कमांडो को ही यह चिन्ह धारण करने का अधिकार है। चूंकि धोनी को 2011 में पैराशूट रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद उपाधी मिली थी। धोनी ने 2015 में पैरा ब्रिगेड की ट्रेनिंग भी ली है। ऐसे में माना जा रहा है कि धोनी ने पैरा फोर्स को सम्मान देने के लिए ऐसा किया था। माना यह भी जा रहा है कि वह आगे के मैचों में भी इस दस्ताने को पहने नज़र आ सकते हैं।

इसे लेकर सोशल मीडिया पर धोनी की काफी तारीफ हो रही है, लेकिन आईसीसी की सोच और नियम अलग हैं। आईसीसी के नियम के मुताबिक, “आईसीसी के कपड़ों या अन्य चीजों पर अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान राजनीति, धर्म या नस्लभेदी जैसी चीजों का संदेश नहीं होना चाहिए।”

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